फफूंद। ब्लाक भाग्यनगर की ग्राम पंचायत करही का हाल बदहाल है। ग्राम पंचायत के मजरा डेरा जैतपुर बंजारा की भी हालत बहुत खराब है। पंचायत सचिव की लापरवाही से ग्राम प्रधान भी परेशान हैं। उनका कहना है कि सचिव फोन ही नहीं उठाते जिससे कोई कार्य भी नहीं हो पा रहे हैं।
ग्राम पंचायत करही के डेरा बंजारा की हालत बेहद खराब है। एक हजार से ज्यादा आबादी वाले गांव में नाम मात्र की गलियां पक्की हैं। अधिकतर सड़कें और गलियों में काफी पहले डलवाया गया खड़ंजा खस्ताहाल हो चुका है।
जगह-जगह गड्ढ़े हैं। किनारों पर गंदगी के ढेर लगे हुए हैं। गांव की गलियों में स्ट्रीट लाइटें भी नाम के लिए लगी हुई हैं। अधिकतर गलियों में अंधेरा रहता है। गांव के तालाब में गंदगी से बदबू उठ रही है।
ग्राम प्रधान भी इसी गांव में रहती हैं। ग्रामीण कप्तान सिंह, मुन्नी देवी, पप्पू, हाकिम सिंह, किशन पाल, मलखान, हरनाम सिंह, राम सिंह ने बताया कि उनका गांव विकास कार्यों से विहीन है।
पंचायत सचिव गांव आते ही नही हैं। जिससे सरकार की गरीबों के लिए चलाई जा रही योजनाओं का लाभ पाने को भी भटकना पड़ रहा है। ग्राम प्रधान से कहते हैं तो वो कहती हैं कि मंत्री काम करेंगे लेकिन मंत्री आते ही नहीं हैं। वह लोग इसकी शिकायत मुख्यमंत्री से करेंगे।
ग्राम प्रधान पुष्पा देवी ने बताया कि मंदिर में लगे वाटर कूलर सही कराने के लिए पंचायत सचिव को कई फोन किए, लेकिन वह फोन भी नहीं उठाते हैं। गांव में 300 मीटर आरसीसी कराने के लिए प्रस्ताव बनाकर दिया जा चुका है। महीनों बीतने के बाद भी नाम मात्र का काम हुआ है। ग्रामीणों के काम के लिए ब्लाक में जाकर मंत्री के आने का इंतजार करना पड़ता है।
फोटो27एयूआरपी 13- गांव की कच्ची सड़क और नाली में भरी गंदगी। संवाद- फोटो : AURAIYA