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चंदन की लकड़ी व गांजा के दो अंतर्राज्यीय तस्कर गिरफ्तार, साथी फरार

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फोटो-28एयूआरपी-39 बरामद माल के साथ नीचे बैठे दो तस्कर व मौजूद एसपी, एएसपी व पुलिस टीम। संवाद - फोटो : AURAIYA
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औरैया। बेला पुलिस व एसओजी टीम ने सोमवार को बेला तिराहे के पास एक कार से एक क्विंटल पांच किलोग्राम गांजा व 48 किलोग्राम चंदन की लकड़ी पकड़ी है। टीम ने दो अंतरराज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया है। जबकि उनका एक साथी मौके से भाग निकला। बरामद माल को यह लोग कन्नौज बेचने जा रहे थे।
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पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा ने सोमवार को ककोर मुख्यालय में प्रेसवार्ता की। बताया कि सोमवार को बिना नंबर की एक सफेद टाटा जेस्ट कार मादक पदार्थ लेकर कानपुर देहात के रसूलाबाद से बेला होते हुए कन्नौज की तरफ जा रही थी।
सूचना पर बेला पुलिस व एसओजी टीम ने बेला तिराहे पर बैरियर लगाकर चेकिंग शुरू की। कार को आते देख पुलिस कर्मियों ने उसे रुकने का इशारा किया। यह देख कार सवार तीन लोग भागने का प्रयास करने लगे।
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इस पर पुलिस ने दो लोगों को पकड़ लिया। जबकि इनका एक साथी भागाने में कामयाब रहा। कार की तलाशी लेने पर 21 पैकेटों में एक क्विंटल पांच किलोग्राम गांजा और दो बोरों में 48 किलो चंदन की लकड़ी बरामद हुई।
बरामद गांजा की कीमत करीब 22 लाख रुपये व चंदन की लकड़ी की कीमत करीब 16 लाख रुपये है। कार की कीमत करीब सात लाख रुपये है।
पकड़े गए दोनों तस्करों ने अपने नाम कन्नौज के सदर कोतवाली क्षेत्र के जफदरगंज निवासी मोहम्मद बिलाल व कानपुर नगर के कलक्टरगंज काहू कोठी शतरंजी मोहाल निवासी मनीष कुमार पांडेय बताया हैं।
दोनों ने फरार साथी का नाम कानपुर नगर के कल्यानपुर थाना क्षेत्र के छपेड़ा पुलिया शिवपुरी निवासी मोहम्मद आदिल बताया। पुलिस टीम ने बरामद माल को कब्जे में लिया और दोनों तस्करों को हिरासत में लिया।
कन्नौज के इत्र व्यापारियों को बेची जाती चंदन की लकड़ी
पुलिस गिरफ्त में तस्करों ने बताया कि वह पिछले कई साल से गांजा व चंदन की लकड़ी की तस्करी कर रहे है। उड़ीसा व छत्तीसगढ़ से गांजा व चंदन की लकड़ी को अन्य तस्कर आते है। वह लोग कानपुर से यह माल कन्नौज व आसपास के जनपदों में अपनी कार से 15 से 20 हजार रुपये प्रति किलो की दर से गांजा व 25 से 30 हजार रुपये प्रति किलो के हिसाब से कन्नौज के इत्र व सुगंधित तेल व्यापारियों को बेचते हैं।
कोरियर कंपनी की मिलीभगत से होता पूरा खेल
पुलिस गिरफ्त में तस्करों ने बताया कि उड़ीसा व छत्तीसगढ़ से यूपी के कानपुर में आने वाली कोरियर कंपनी की गाड़ी का इस्तेमाल तस्करी में करते है। कई कोरियर कंपनियों के माध्यम से तस्करी के माल की आपूर्ति की जाती है। तस्कर कंपनियों की गाड़ियों में 50-50 किलोग्राम के पैकेटों को बुक करा देते है। इससे पुलिस से पकड़े जाने का डर नहीं रहता है। उनका साथी मनीष स्काई किंग कोरियर कंपनी में काम करता है। उसके माध्यम से माल आसानी ने निकलवाया जाता है। माल भी सुरक्षित मिल जाता है, अगर इस बात की भनक गाड़ी वाले या कंपनी के किसी कर्मी को लग जाती है तो उसे यह लोग अपने गिरोह में शामिल कर लेते है।
टीम को मिलेगा एक लाख का इनाम
एसपी अभिषेक वर्मा ने बताया कि गांजा व चंदन की लकड़ी के तस्करों को बेला थाना पुलिस व एसओजी टीम ने पकड़ा है। इस संबंध में अपर मुख्य सचिव गृह ने 50 हजार रुपये व पुलिस महानिदेशक ने पुलिस टीम को 50 हजार रुपये का नकद पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र देने की घोषणा की है।
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