औरैया। आग व पानी के लिए कुछ मिनट ही सबकुछ बर्बाद करने के लिए काफी होते हैं। यह जानते और समझते हुए भी आग से बचाव के लिए हमारे उपाय, व्यवस्था और मुकम्मल तैयारी का न होना विडंबना नहीं तो और क्या कही जाएगी। जो हाल है उसमें सबका भगवान ही मालिक हैं कहा जाए तो अतिशयोक्ति नहीं।
कलक्ट्रेट, विकास भवन, डीआईओएस, बीएसए दफ्तर समेत कई विभागों में लगे अग्निशमन यंत्र क्रियाशील नहीं है। यदि इन कार्यालयों में आग लग जाए, तो जानमाल का बड़ा नुकसान होगा। जिम्मेदारों को अग्निकांड की सुधि बड़ी घटना के बाद ही आती है। हादसे से पहले आग बुझाने के लिए किए जाने वाले उपायों पर कोई गंभीर नहीं होता।
सीन 01- कलेक्ट्रेट परिसर समय 12:56
कलक्ट्रेट भवन : यहां आग से बचाव के लिए इंतजाम तो हैं लेकिन दुरुस्त नहीं है। अग्निशमन यंत्र तो लगे हैं लेकिन वह जरूरत पर काम आएंगे या नहीं इसकी कोई गारंटी नहीं है। कारण है कि टूल बॉक्स में रखे जाने वाले पाइप सहित अन्य जरूरी सामग्री गायब हो चुकी है। ऐसे में जरूरत पड़ने पर काफी समस्या आ सकती है।
सीन 02- विकास भवन समय 12:51
विकास भवन की तीन मंजिला इमारत है। इसमें आधा सैकड़ा से अधिक विभाग हैं। यहां मुख्य विकास अधिकारी समेत अन्य जिला स्तरीय अधिकारी बैठते हैं। गर्मी का मौसम है, इस मौसम में जरा सी चिंगारी कुछ मिनटों में पूरी इमारत को खाक में मिला सकती है। बावजूद इसके यहां पर अग्निशमन यंत्र के हाल बेहाल है। भवन में जो यंत्र लगे है वह सिर्फ दिखावे के लिए हैं, न तो यहां टूल बॉक्स है न ही हार्स पाइप।
सीन 03- बीएसए कार्यालय समय 12:06
बीएसए कार्यालय में दर्जनों कर्मचारी कार्य करते हैं। इसके अलावा कार्यालय में कंप्यूटर समेत अन्य जरूरी वस्तुएं भी हैं। यदि इस कार्यालय में आग लग जाए तो उस पर काबू पाना मुश्किल पड़ जाएगा, क्योंकि यहां पर न तो कोई अग्निशमन संयंत्र लगा और न ही फायर फायर सिस्टम।
सीन 04- डीआईओएस कार्यालय समय 12:03
कार्यालय तो बहुत बड़े क्षेत्र में बना है साहब का, लेकिन छोटी जगह में लगने वाला अग्निशमन यंत्र कहीं नहीं दिखा। यहां अधिकारी और कर्मचारी अपनी जान जोखिम में डाल कर कार्य करते हैं। इसकी न तो डीआईओएस साहब को सुध है और नहीं फायर ब्रिगेड को।
विभागों में लगे अग्निशमन यंत्रों की सूची तैयार की जा रही है। जो भी खराब यंत्र हैं उनकी मरम्मत के लिए विभागों से पत्राचार किया जाएगा। इसके अलावा जहां यंत्र नहीं लगे हैं उनकी भी सूची बना कर वहां यंत्र लगवाए जाएंगे। - प्रतीक श्रीवास्तव, सीएफओ
फोटो 26 एयूआरपी 12- डीआईओएस कार्यालय परिसर। संवाद- फोटो : AURAIYA