औरैया। ग्रामीण क्षेत्रों में वायरल बीमारियां तेजी से फैल रहीं हैं। जिसकी चपेट में आने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है। रविवार की रात सात वर्षीय बालक की बुखार से मौत हो गई। जबकि जिले के सरकारी अस्पतालों और प्राइवेट अस्पतालों में भीड़ अधिक संख्या में नजर आई। वहीं, गांवों में पहुंची स्वास्थ्य टीमों ने पांच गांवों में 300 से अधिक मरीजों का इलाज किया।
सोमवार को 50 शय्या जिला संयुक्त चिकित्सालय के खुलते ही मरीजों की भीड़ चिकित्सकों के कक्ष और पर्ची काउंटर के बाहर देखने को मिली। आलम यह रहा कि 10 बजे चिकित्सकों के बैठने के पहले उनके कमरों के बाहर मरीजों की लंबी लाइन रही। यह भीड़ दोपहर एक बजे तक देखने को मिली। पर्ची काउंटर कर्मचारी ने बताया कि 600 से अधिक लोगों ने पर्चे बनवाए। जांच कक्ष में भीड़ अधिक होने के चलते कर्मचारियों व मरीजों को दिक्कतें हुई। अस्पताल पहुंचने वाले अधिकांश मरीज वायरल बुखार से पीड़ित पाए गए। जिन्होंने चिकित्सकों को कई दिन से बुखार आने की समस्या बताई। सीएमएस डॉ. पीके कटियार, डॉ. शत्रुघ्न सिंह ने बताया कि वायरल बीमारियां फैल रहीं हैं। जिससे मरीज बढ़ रहे हैं। सोमवार को गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचे एक बालक समेत तीन लोगों को भर्ती किया गया। जिन्हें आराम मिलने पर दोपहर बाद घर भेजा गया।
इधर फफूंद क्षेत्र बढ़ुवा निवासी गोपाल (7) पुत्र संजय कुमार को 11 अक्तूबर से बुखार आ रहा था। हालत बिगड़ने पर परिजन उसे सैफई ले गए। जहां रविवार रात उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई। पिता ने बताया कि चिकित्सक ने गोपाल को मेनिन्जाइटिस से पीड़ित होने की जानकारी दी थी। गोपाल गांव के प्राथमिक विद्यालय में कक्षा दो का छात्र था।
लैब में कर्मचारियों की मनमानी से मरीज परेशान
50 शय्या अस्पताल की लैब में 12 बजे तक कक्ष के बाहर मरीजों से पर्चे जमा कराए। इसके बाद आने वाले मरीजों को मंगलवार को आने की बात कहकर लौटा दिया। कुछ मरीजों ने दोपहर दो बजे तक जांच किए जाने की बात कह विरोध किया तो इस पर कर्मी ने सैंपल लेने से इनकार कर दिया। जिससे मरीजों को बिना जांच कराए ही लौटना पड़ा।
28 लोगों के एलाइजा टेस्ट के लिए सैंपल लिए
सोमवार को कुल्हूपुर, जमालीपुर, ताहरपुर समेत पांच गांवों में स्वास्थ्य टीमें पहुंची। जहां टीमों ने 300 से अधिक मरीजों का उपचार किया और उन्हें निशुल्क दवाएं वितरित की। इस दौरान 50 लोगों के कोरोना की जांच और 28 लोगों के डेंगू की जांच के लिए एलाइजा टेस्ट के सैंपल लिए गए। यही नहीं टीमों ने घर-घर जाकर लार्वा की जानकारी दी। ग्रामीणों को बीमारियों से बचाव के लिए साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिए जाने के साथ ही बरसात का पानी जमा न होने की सलाह दी।
स्वास्थ्य केंद्र पर भर्ती कर होगा इलाज
गांव में जहां भी बीमारी फैलने की जानकारी मिल रही है। वहां की लगातार मॉनीटरिंग की जा रही है, मरीजों को बेहतर इलाज देने के लिए स्वास्थ्य टीमें गांव भेजी जा रही हैं। सभी स्वास्थ्य केंद्र प्रभारियों को अस्पताल आने वाले मरीजों को भर्ती कर बेहतर इलाज करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
-डॉ. अर्चना श्रीवास्तव, सीएमओ