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बेमौसम बारिश, किसानों के चेहरे पर उदासी

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फोटो-18एयूआरपी-4- आलू के खेत में भरा पानी। संवाद - फोटो : AURAIYA
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औरैया। रविवार को अचानक बदले मौसम और हुई बारिश से किसानों को काफी नुकसान हुआ है। बेमौसम हुई बारिश से किसानों के चेहरे पर उदासी छाई हुई है। किसान जहां धान और बाजरे की फसल खेत में गिरने को लेकर परेशान हैं, वहीं आलू, लहसुन, टमाटर के साथ हरी सब्जियों की पौध खराब होने को लेकर चितिंत नजर आ रहे हैं। किसानों का कहना है कि वह पिछले कई वर्षों से लगातार घाटा सहते चले आ रहे हैं। इस बार सितंबर से लेकर दशहरा तक रुक-रुक कर हुई बारिश उन्हें फायदे की जगह नुकसान पहुंचा रही है।
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खेतों में भर गया पानी, बीज सड़ने का डर
बिधूना संवाद प्रतिनिधि के अनुसार रामपुर बामपुर के किसान महेश शाक्य ने बताया कि खेतों में गोभी पत्ता व शिमला मिर्च की फसल खड़ी है। रात हुई बारिश से फसल में नुकसान है। अगर और बारिश होती है तो गोभी पत्ता के साथ शिमला मिर्च की फसल में भारी नुकसान हो जाएगा। रूपपुर निवासी किसान रविंद्र सिंह कुशवाह ने बताया कि आलू की फसल में काफी नुकसान होने की आशंका सता रही है। पसुआ निवासी किसान प्रेमचंद्र ने बताया कि उन्होंने हाल ही में लहसुन बोया है, बारिश से बीज सड़ने की आशंका बनी हुई है। किसान राजीव सेंगर ने बताया कि तेज हवाएं चलने और बारिश से खेतों में धान व बाजरा की फसलें गिर गई हैं। इससे किसानों को काफी नुकसान होगा और पैदावार पर असर पड़ेगा।
बुवाई होगी लेट, सरसों की फसल प्रभावित
कंचौसी संवाद के अनुसार बेमौसम बारिश से सरसों, आलू, बाजरा की फसल प्रभावित हुई हैं। जबकि गेहूं की बुवाई बारिश होने से लेट हो गई है। किसान अपनी गाढ़ी कमाई को बर्बाद होता देख परेशान हैं। किसान नरेश बाथम, अजय तिवारी, आशीष कुमार, अमित दोहरे, शिवप्रताप यादव, सती प्रसाद आदि किसानों ने बताया कि इस बार अच्छी बारिश हुई थी। धान की अच्छी पैदावार होने की उम्मीद थी, लेकिन मौसम ने सब चौपट कर दिया है। फसल खेत में गिर गई है। ऐसे में फसल की कम पैदावार होने की आशंका है।
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बारिश से आफत ज्यादा, राहत कम
बेला संवाद के अनुसार मानसून की विदाई के करीब दो सप्ताह बाद रविवार सुबह से मौसम में फिर बदलाव हुआ। हवा के साथ दिनभर कभी तेज तो कभी रिमझिम बारिश होती रही। पश्चिमी विक्षोभ के कारण बने इस हालात से फायदा कम, नुकसान ज्यादा दिख रहा है। बारिश ने किसानों के अरमानों पर पानी फेर दिया है। धान की पकी व कटी फसल को काफी नुकसान बताया जा रहा है। बुवाई भी थम गई है। मौसम विज्ञानी कुछ दिनों से बारिश की संभावना जता रहे थे। सुबह से हवा के साथ शुरू हुई बारिश से पक चुकी धान की फसल गिरने से 30 फीसद से ज्यादा का नुकसान बताया जा रहा है। मेथी, पालक, मटर, बथुआ, सरसों तथा बैंगन, टमाटर और मिर्च आदि फसलों की बुवाई अब 15 से 20 दिन विलंब से होगी।
किसान बरतें सावधानी
बैंगन, टमाटर, मिर्च नर्सरी में नुकसान होगा। धान की फसल को भी नुकसान है। बोरों में रखे धान व अन्य फसल को नुकसान होने की अधिक संभावना है। जैसे ही धूप निकले त्यों ही किसान अपनी इकट्ठी की हुई फसल को धूप में सुखा दें, ताकि उसमें फफूंदी या गांठ न बन पाए। किसान गिरी फसल को भी काटने का प्रयास करें और मौसम साफ होते ही ठीक से सुखाएं।
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-डॉ. अनंत कुमार, कृषि वैज्ञानिक
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