औरैया। विशेष न्यायाधीश अनुसूचित जाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम मीनू शर्मा ने थाना बिधूना क्षेत्र में लड़की को भगा ले जाने व दुष्कर्म करने के मामले में दोषी को 10 वर्ष के कठोर कारावास व 15 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
मामले की पैरवी कर रहे अभियोजन अधिकारी देशराज सिंह ने बताया कि 10 अगस्त 2016 को वादी की पुत्री 11 बजे सरकारी अस्पताल बिधूना दवा लेने गई थी। तभी आरोपी उसे बहला-फुसलाकर ले गया। पुलिस ने मामले में शंकरपुर थाना बसरेहर इटावा निवासी मिथुन तथा राहुल सिंह सेंगर के विरुद्ध आरोप पत्र कोर्ट में प्रस्तुत किया। यह मामला अपर जिला जज मीनू शर्मा की कोर्ट में चला। अभियोजन अधिकारी देशराज सिंह ने अभियुक्तों को कड़ी सजा देने की पैरवी की। वहीं बचाव पक्ष ने दोनों को निर्दोष बताया।
दोनों पक्षकारों को सुनने के बाद कोर्ट ने मिथुन को पीड़िता को भगा ले जाने व दुष्कर्म के दोष में 10 वर्ष के कठोर कारावास और 15 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। वहीं सह अभियुक्त राहुल को पीड़िता को भगाने का दोषी मानते हुए सात वर्ष के कठोर कारावास व सात हजार रुपये अर्थदंड की सजा से दंडित किया। अर्थदंड अदा न करने पर अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा। अधिवक्ता शिवम शर्मा ने बताया कि कोर्ट ने अर्थदंड की आधी धनराशि पीड़ित को प्रतिकर के रूप में प्रदान करने का भी आदेश दिया। मिथुन और राहुल सिंह सेंगर को जिला कारागार इटावा भेज दिया गया है।