उत्तरप्रदेश के अलीगढ़ में चार दिनों से लापता युवक का शव मिलने के बाद शनिवार को उसके जनाजे में शामिल होने पहुंचे सपा के नगर विधायक जफर आलम पर भीड़ ने हमला बोल दिया।
गुस्साई भीड़ ने कोतवाली के चंदन शहीद रोड पर उनकी गाड़ी पर जमकर पथराव किया। इसमें गाड़ी के शीशे चकनाचूर हो गए। हालांकि पथराव से पहले किसी तरह विधायक सुरक्षित स्थान पर पहुंचे, लेकिन आधा दर्जन सपा कार्यकर्ता जख्मी हो गए।
दो दिन से फोन करने के बाद भी विधायक द्वारा युवक को खोजने के लिए सक्रियता नहीं दिखाने से भीड़ आक्रोशित थी। विधायक पर हुए हमले से पुलिस-प्रशासन से लेकर शासन तक में खलबली मच गई। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने विधायक से घटना की जानकारी ली है।
इस घटना को जफर आलम ने अपने ऊपर राजनीति से प्रेरित हमला बताया है। हमले के बाद शासन गंभीर है। प्रमुख सचिव (गृह) के निर्देश पर पुलिस-प्रशासन ने विधायक को एस्कॉर्ट उपलब्ध कराते हुए वाई श्रेणी के बराबर की सुरक्षा उपलब्ध करा दी है।
जिला प्रशासन स्थायी रूप से वाई श्रेणी की सुरक्षा के लिए शासन से सिफारिश करेगा। घटना के बाद खुफिया विभाग भी सक्रिय हो गया है।
चंदन शहीद रोड के मोहल्ला रंगरेजान निवासी डाई कारीगर सादिक पिछले 4-5 दिनों से लापता था। शुक्रवार की देर रात उसका शव क्वारसी क्षेत्र में एक गटर के टैंक से मिला।
विधायक जफर आलम उसके जनाजे में शामिल होने शनिवार दोपहर मोहल्ला रंगरेजान पहुंचे, जिन्हें देखकर भीड़ में शामिल कुछ लोग भड़क गए।
उन्होंने विधायक की एक्सयूवी गाड़ी पर पथराव कर दिया। घटना के बाद विधायक को सुरक्षित कोतवाली लाया गया। यहां पर पहुंचे डीएम राजीव रौतेला और एसएसपी अमित पाठक ने कहा है कि घटना के संबंध में कोई तहरीर नहीं दी गई है।