उत्तर प्रदेश में कानपुर के उन्नाव में स्वामी ओम ने शनिवार को एक और दावा किया है। इस बार उनका कहना है कि भारत सरकार ने निकलने वाले स्वर्ण भंडार को लेकर उनकी मांगों को मान लिया है। प्रशासन ने पहले ही पारदर्शिता की बात मान ली है।
स्वामी ओम ने दावा किया कि पांच-छह नवंबर में सोना दिख जाएगा। संत शोभन सरकार के शिष्य स्वामी ओम ने भारत सरकार को भेजे पत्र में डौंडिया खेड़ा के राव राम बक्स सिंह के किले से निकलने वाले स्वर्ण भंडार के 20 फीसदी हिस्से को क्षेत्र के विकास और 80 फीसदी हिस्से को देश के विकास पर खर्च करने की मांग की थी।
एक नवंबर को पीएम, सुषमा स्वराज, सीएम आदि को लिखे पत्र में स्वामी ओम ने किले से निकलने वाले स्वर्ण भंडार के 20 फीसदी हिस्से को क्षेत्र व जिले के विकास में लगाने की मांग दुहराई। साथ ही एक नई मांग भी कर दी।
स्वामी ओम ने बचे 80 फीसदी हिस्से में 30 फीसदी हिस्से को प्रदेश के विकास में खर्च करने और 50 फीसदी हिस्से को आरबीआई में देने की मांग की। स्वामी ओम का दावा है कि उनकी नई मांग को भारत सरकार ने मान लिया। अब जल्द ही स्वर्ण भंडार निकल जाएगा।
उन्होंने कहा कि वह अपने गुरुओं से निवेदन करेंगे कि अब सोना मिल जाए। शनिवार को स्वामी ओम का जिला प्रशासन के प्रति तेवर बिल्कुल नरम हो गया। उन्होंने कहा कि प्रशासन की अपनी सीमाएं हैं। प्रशासन ने उनके लोगों को अंदर जाने दिया है।
रही बात सीसीटीवी के लाइव टेलीकास्ट और मीडिया के अंदर जाने की तो मीडिया को कुछ दूरी से कवरेज पर बात चल रही है और लाइव टेलीकास्ट के मामले में कोर्ट की कुछ रूलिंग है उसकी जानकारी की जा रही है। डीएम विजय किरन आनंद ने कहा कि भारत सरकार की ओर से उन्हें कोई पत्र नहीं मिला है। यदि कोई पत्र मिलेगा तो दिशा-निर्देशों के अनुसार कार्रवाई कराई जाएगी।
पत्र की फोटो कापी देने से इनकार
स्वामी ओम से भारत सरकार की ओर से मिले पत्र की फोटोकापी मांगी गई तो उन्होंने कहा कि, ‘मेरी बात पर भरोसा कीजिए पत्र मिल गया है’। यह कहने पर कि आपकी बातों पर भरोसा करके ही तो इतने दिन से खबर प्रकाशित हो रही है, इस बार पत्र की कापी मिल जाए तो जनता आश्वस्त हो जाएगी।
स्वामी ने कहा कि, ‘पत्र की कापी वह नहीं देंगे। उन्होंने किसी से वायदा किया है। यह सही है कि पत्र मिल चुका है। कल (दीपावली के दिन) डौंडिया खेड़ा आ जाओ पत्र दिखा दूंगा लेकिन दूंगा नहीं’।