मेरठ में कई स्थानों पर और धौलाना के दो गांवों में तेंदुआ देखे जाने के बाद अब खादर क्षेत्र में तेंदुए दिखे, वह भी दो।
झड़ीना गांव में रविवार सुबह जंगल जा रहे दो किसानों पर तेंदुए का जोड़ा झपटा लेकिन दोनों किसान जान बचाकर गांव की ओर दौड़ पड़े। गांव पहुंच कर लोगों को बताया तो लाठी-डंडों और लाइसेंसी असलहों के साथ ग्रामीणों ने खेत घेर लिया।
किसान पर किया हमला
घंटों तलाश के बाद भी तेंदुओं का पता नहीं चला। वहीं प्रशासन और वन विभाग के अफसरों ने क्षेत्र में तेंदुए की मौजूदगी से इनकार किया है।
घटनाक्रम के अनुसार झड़ीना निवासी देवेंद्र और प्रशांत रविवार की सुबह करीब 5 बजे शौच के लिए पास के जंगल में गए थे। वहां उन्हें त्यागी-ब्राह्मण महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुबोध त्यागी की गन्ने की फसल से दो तेंदुए निकलते दिखाई पड़े।
खेतों में दिखे पंजों के निशान
तेंदुओं को अपनी तरफ झपटता देख दोनों किसान अपनी आनन-फानन गांव की तरफ दौड़ पड़े। जिन्होंने इस विषय में लोगों को हकीकत बताई, तो दहशत फैल गई। बड़ी संख्या में ग्रामीण लाठी-डंडे और लाईसेंसी असलहे लेकर जंगल में पहुंच गए।
तीन घंटों तक फसलों में खोजबीन करने के बाद भी तेंदुओं का कोई अता पता नहीं लग पाया। हालांकि ग्रामीणों दुष्यंत कुमार, श्यामसुंदर, मिथुन का कहना है कि गेहूं के खेतों में कई स्थानों पर तेंदुओं के पंजों के निशान साफ तौर दिखाई दिए हैं।
जंगल जाने से कतरा रहे किसान
तेंदुओं की आमद की खबर से झड़ीना, सैदपुरा, हैदरपुर, भगवंतपुर, कल्याणपुर, कुलपुर समेत आसपास के कई गांवों में बड़े स्तर पर दहशत फैल गई है, जिसके चलते किसान खेतों पर जाने में बुरी तरह कतरा रहे हैं।
मवेशियों के लिए चारा और गन्ने की कटाई के लिए अकेले जाने की बजाए किसान समूह बनाकर जंगल को जाने पर मजबूर हो रहे हैं।