केजीएमयू के ट्रॉमा सेंटर में शनिवार को लगी आग के बाद बदइंतजामी से मौतों का आंकड़ा 11 पहुंच गया, पर केजीएमयू प्रशासन इन्कार की रट लगाए रहा। अलबत्ता घटना
की जांच कर रहे मंडलायुक्त अनिल गर्ग ने छह मौतें स्वीकारीं। मंडलायुक्त ने मौतों पर केजीएमयू प्रशासन से जवाब तलब किया है।
केजीएमयू वीसी प्रो. एमएल भट्ट ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि आग की वजह से कोई मौत नहीं हुई। उन्होंने कहा, मौतों के आंकड़े को गलत तरीके से पेश किया जा
रहा है। मैंने खुद कई वार्डों का दौरा किया। ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया। दो बच्चों की मौतें बाल विभाग में हुईं, लेकिन ये मौतें आग लगने के पहले हो चुकी थीं।
मृत्यु प्रमाण पत्र ट्रॉमा सेंटर से ही जारी किया जाता है। आग लगने के कारण जारी नहीं किया जा सका। उन्हें मृत्यु प्रमाण पत्र सेवाएं बहाल होने के बाद जारी किया जाएगा।
लापरवाही से निकालते समय हुई होगी मौत : सीएमएस
पत्रकारों से बातचीत में केजीएमयू के सीएमएस प्रो. एसएन शंखवार ने कहा कि सामान्य तौर पर ट्रॉमा में गंभीर मरीज ही आते हैं। जिनके बचने की संभावना बेहद कम होती
है। रोजाना कम से कम आठ से दस मौतें होती हैं। इन्हीं मौतों को आग की वजह से हुई मौत बताया जा रहा है। उन्होंने कहा, हकीकत यह है कि मरीजों को ट्रॉमा से
लापरवाही से निकालते समय और दूसरे अस्पताल ले जाते समय मौतें हुई होंगी। केजीएमयू प्रशासन इस तरह के हादसे के लिए तैयार ही नहीं था।
...और प्रेस कॉन्फ्रेंस से चल दिए
मौतों की खबरों को कुलपति व मुख्य चिकित्सा अधिकारी भ्रामक बताते रहे। हालांकि जैसे ही मीडियाकर्मियों ने सवाल दागने शुरू किए कुलपति कॉन्फ्रेंस छोड़कर चल दिए।
वहीं सीएमएस ने भी दोषियों की पहचान करने और कार्रवाई करने के सवाल पर गोलमोल जवाब दिया और चलते बने।
इनकी हुई शनिवार को मौत
रामप्यारी (हरदोई), रेनू (हैदरगढ़), सरस्वती (हमीरपुर), कृष्ण गोपाल (लखनऊ), साधु सिंह (महाराजगंज), हेमंत कुमार (लखनऊ), नवजात, सुखबीर और लक्ष्मी
माता-पिता (ललितपुर)।
रविवार को सामने आई चार और मौतें
संतोष (रायबरेली), अरविंद (लखनऊ), वसीम (लखनऊ), मुकेश धवन (अज्ञात)। जांच होने पर होने यह संख्या और ज्यादा बढ़ सकती है जोकि लखनऊ निजी अस्पताल
या दूसरे जिलों में वापस चले गए।
हमने जवाब मांगा है : मंडलायुक्त
मंडलायुक्त अनिल गर्ग ने कहा, मौतें हुई हैं, इसको नकारा नहीं जा सकता। छह मौत के मामले अब तक सामने आए हैं। इन मामलों को लेकर हम अपनी जांच भी शुरू कर
चुके हैं। अग्निकांड के कारणों और इससे हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है। केजीएमयू प्रशासन से पूरे मामले पर जवाब मांगा गया है।
सीएम से नहीं मिलने दिया, किया हंगामा
रविवार सुबह रायबरेली के मृतक संतोष के परिवारीजनों ने सीएम से मिलने की कोशिश की। इन्हें मिलने नहीं दिया गया तो उन्होंने हंगामा किया।