अमरोहा। करीब आठ वर्ष पुराने धोखाधड़ी और अवैध शस्त्र रखने के मामलों में एडीजे प्रथम की अदालत ने दो दोषियों को पांच-पांच साल की सजा सुनाई है। साथ ही दोनों पर 13 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। फैसला सुनाए जाने के बाद जमानत पर चल रहे दोनों दोषियों को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया, वहीं साक्ष्यों के अभाव में एक आरोपी को दोषमुक्त कर दिया गया है।
मामला अमरोहा नगर कोतवाली से जुड़ा है। वर्ष 2018 में पुलिस ने डिडौली कोतवाली क्षेत्र के पतेई खालसा निवासी धीर सिंह उर्फ धीरा, श्यामपुर निवासी फुरकान तथा बिजनौर जिले के नूरपुर थाना क्षेत्र के ब्रह्मपुरी निवासी माहिर हुसैन के खिलाफ अलग-अलग तीन मुकदमे दर्ज किए थे। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया था। बाद में तीनों जमानत पर रिहा हो गए थे।
इन मामलों की सुनवाई एडीजे प्रथम की अदालत में चल रही थी। मंगलवार को सुनवाई पूरी होने के बाद न्यायालय ने धोखाधड़ी और अवैध शस्त्र रखने के मामले में धीर सिंह उर्फ धीरा और फुरकान को दोषी ठहराते हुए दोनों को पांच-पांच वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। साथ ही दोनों पर 13 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। न्यायालय ने एक अन्य मामले में पर्याप्त साक्ष्य उपलब्ध नहीं होने के कारण आरोपी माहिर हुसैन को दोषमुक्त कर दिया।