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तिगरी मेला : गंगा किनारे उठ रहीं आस्था की लहरें

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गजरौला (अमरोहा)।
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कार्तिक पूर्णिमा पर लगे तिगरी गंगा मेले आस्था का सैलाब उमड़ा है। तिगरी की ओर जाने वाले मार्गों पर ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और श्रद्धालुओं के वाहनों की लाइन लगी है। पतित पावनी गंगा में डुबकी लगाकर पुण्य कमाने की लालसा श्रद्धालुओं को घर से दूर खींच ला रही है। जिस मार्ग पर देखों श्रद्धालुओं के वाहन दिखाई दे रहे हैं। शुक्रवार को भी तड़के से देर शाम तक श्रद्धालुओं के ट्रैक्टर-ट्राॅलियों की लाइन लगी रही।
कार्तिक पूर्णिमा पर तिगरी में पतित पावनी गंगा किनारे लगने वाला गंगा मेला आस्था, श्रद्धा और विश्वास का प्रतीक है। सदियों से लगते आ रहे गंगा मेले में आसपास के ही नहीं बल्कि, दूरदराज जिलों के श्रद्धालु गंगा किनारे कई दिन पहले ही डेरा डाल देते हैं, जो रोजाना भोर होते ही गंगा में डुबकी लगाकर पुण्य कमाते हैं। गंगा किनारे धार्मिक अनुष्ठान कराते हैं। इस बार 11 नवंबर को मेला का विधिविधान से पूजन कर उद्घाटन किया जाएगा। जिसके चलते कई दिन पहले से ही गंगा में स्नान कर पुण्य कमाने की लालसा लिए श्रद्धालुओं ने कार्तिक पूर्णिमा पास आते ही तिगरी गंगा मेले का रुख कर दिया है।
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शुक्रवार को सुबह से ही ट्रैक्टर-ट्राली में सवार श्रद्धा, आस्था और विश्वास का सैलाब तिगरी गंगा की तरफ उमड़ता रहा। बड़े हर्ष और उल्लास के साथ श्रद्धालु गंगा मेले पहुंच रहे हैं। तिगरी की तरफ जा रहे सभी मार्ग श्रद्धालुओं के ट्रैक्टर-ट्राॅली से भरे हैं। तिगरी-गजरौला मार्ग पर सुबह से शाम तक श्रद्धालुओं के ट्रैक्टर-ट्राॅली की लाइन लगी रही।
श्रद्धालु खुदकर रहे कपड़े बदलने के इंतजाम
गजरौला।
सेक्टर-नौ के पास घाट तो बना दिया गया, लेकिन उस तक आने जाने के लिए मार्ग नहीं है। श्रद्धालुओं के तंबुओं के बीच से ही श्रद्धालु गुजर रहे हैं। उधर, महिलाओं के कपड़े बदलने का इंतजाम भी नहीं किया गया है, जिससे उनको परेशानी हो रही है। संभल के भवालपुर बांसली से नरेश और नरेंद्र परिवार की महिलाओं के साथ घाट पर पहुंचे। वह कपड़े का मच्छरदानी जैसा लेकर आए। जिसे खड़ा कर उसमें महिला कपड़े बदल सकती है। उन्होंने बताया कि यह तिगरी गंगा मेले के कारण ही दिल्ली से 16 सौ रुपये में मंगाया है। उनका कहना है कि महिलाओं के कपड़े बदलने के लिए चेंजिंग रूम नहीं है।
मेले में बम, विस्फोटक खोजने के लिए घुमाया डॉग स्क्वाॅड
गजरौला।
तिगरी मेले में सुरक्षा व्यवस्था को चाक चौबंद रखने के लिए पुलिस कोई कसर छोड़ना नहीं चाहती। मेले में किसी स्थान पर कोई बम या विस्फोटक वस्तु आदि तो नहीं छिपी है, इसी आशंका के चलते बम निरोधक दस्ते को लगाया गया है। शुक्रवार को डॉग स्क्वाॅड टीम ने मेले में खोजी कुत्ते को घुमाया। टीम उसे हर संदिग्ध वस्तु के पास ले गई। जिससे यह पता चल सके कहीं पर कोई बम या विस्फोटक पदार्थ तो नहीं रखा है। खोजी कुत्ते को झाड़ियों में भी ले जाया गया। मीना बाजार के साथ ही झूला आदि के पास उसे ले जाया गया। इसके अलावा एलआईयू व इंटेलीजेंस की टीम भी चेकिंग कर रही हैं।
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बच्चों ने रेत में आनंद लिया, युवतियों ने खेली वालीबॉल
गजरौला।
तिगरी गंगा मेला आस्था के साथ ही मनोरंजन का भी केंद्र है। मेले में आए परिवार सुबह स्नान के बाद खिचड़ी का आनंद ले रहे हैं। युवा वर्ग ताश खेल कर समय व्यतीत कर रहा है। टापू में कबड्डी खेल कर मनोरंजन कर रहे हैं। वहीं बालक दिनभर रेत में मौज मस्ती करते हैं। युवतियां वालीबॉल खेल कर मेले का आनंद ले रही हैं।
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