कुतुबपुर हमीदपुर में तेंदुए के बढ़ते आतंक से गांव के लोग परेशान हैं। पुलिस की गिरफ्तारी और तेंदुए के हमले का डर ग्रामीणों को सता रहा है। यहां के लोगों ने वन विभाग के साथ जिला प्रशासन की ओर से किसी भी तरह की मदद नहीं मिलने की बात कही है। ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि प्रशासन की ओर से गिरफ्तारी के नाम पर उत्पीड़न किया गया तो गांव छोड़ने को मजबूर होंगे।
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सात जून को गांव के लोग खेतों में टमाटर तोड़ रहे थे। तभी तेंदुए ने हमला कर दिया। तेंदुआ खेत में छिप-छिप पर हमला कर रहा था। कोविन पर हमला होते ही वन विभाग के अधिकारियों को सूचना दी गई थी लेकिन, उन्होंने मौके पर पहुंचने में करीब पांच घंटे का समय लगाया। - रजनीश
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तेंदुआ व उसके दो शावक लगातार खेत में घूम रहे हैं। रविवार रात भी तेंदुआ एक बकरी को ले गया। ग्रामीणों ने वन दरोगा केपी सिंह को फोन किया तो उन्होंने अगले दिन 11 बजे आने की बात कही। एसडीएम से शिकायत करने के बाद सोमवार को वन विभाग के अफसरों ने तेंदुआ पकड़ने के लिए पिंजरा तो लगाया गया, लेकिन उसमें शिकार नहीं बांधा गया। वन विभाग गांव वालों की कोई सहायता नहीं कर रहा है। - कामेश
सोमवार रात भी तेंदुए की दहशत के कारण पूरा गांव चैन की नींद नहीं सो सका। वन विभाग के कर्मचारी आकर दिखावे के लिए पिंजरा लगा कर चले गए। उसमें चारे का इंतजाम नहीं किया गया। बिना शिकार के तेंदुआ कैसे पिंजरे में फंस जाएगा। पिंजरा लगाकर वन विभाग कर्मी गायब हो गए हैं। तेंदुआ को पकड़ने के नाम पर केवल खानापूर्ति की जा रही है। - कैलाश सैनी
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गांव में तेंदुए का आतंक है। दो जून को तेंदुआ बकरी को ले गया था, तब भी वन विभाग के अफसरों से शिकायत की थी। उसे समय विभाग के अफसरों ने तेंदुआ पकड़ने में दिलचस्पी नहीं दिखाई। इसके बाद तेंदुए ने आतंक मचाया और छह ग्रामीणों को घायल कर दिया। गांव वालों ने वन विभाग का अधिकारियों को बार-बार सूचना दी थी लेकिन उन्होंने तेंदुए को नहीं पकड़ा। अगर प्रशासन उत्पीड़न करेगा तो बच्चों के साथ गांव छोड़ना पड़ेगा। - शीशराम सिंह सैनी
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ग्रामीण पदम सिंह ने बताया कि तेंदुआ खूंखार था। शायद वह पागल हो गया था। तेंदुआ एक बाद एक लोगों पर हमला कर रहा था। वन विभाग के अधिकारी कहते हैं तेंदुए को ग्रामीणों ने मारा है। प्रशासन से मांग करते हुए कहा कि जो तीन ग्रामीण जेल भेजे गए हैं उन्हें रिहा कराया जाए। तेंदुए के हमले से घायल सभी लोग अस्पताल में हैं, उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। प्रशासन घायलों के इलाज को लेकर भी गंभीर नहीं है।
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गांव में एक महीने से तेंदुए की दहशत है। सात जून को तेंदुए ने खेतों में काम कर रहे लोगों पर हमला कर दिया। इस मामले में वन विभाग के अफसरों की बड़ी लापरवाही रही है। ग्रामीणों ने सूचना सुबह सात दी थी जबकि वन विभाग के अधिकारी 11 बजे पहुंचे। वन विभाग के अफसरों ने ही ड्रोन कैमरे से तेंदुए को तलाश किया था। ड्रोन कैमरे की आवाज सुनकर तेंदुआ गन्ने के खेत से निकलकर भागा और किसी पेड़ से टकरा गया और उसकी मौत हो गई। तेंदुआ की जानकारी जब ग्रामीण वन विभाग के अफसर को देते हैं तो वह अपनी गाड़ी में पंचर होने की बात का कर आने से इन्कार कर देते हैं। - बृजेश सैनी, ग्राम प्रधान