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टापू पर बसी आबादी का गांवों से संपर्क कटा

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गांव दारानगर के रास्ते में भरे पानी के बीच से गुजरते युवक। - फोटो : JPNAGAR
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अमरोहा। पहाड़ों पर हो रही बारिश के कारण गंगा उफान पर है। इस कारण टापू पर बसे गांव जलमग्न हो गए हैं। रास्ते बंद हो जाने के कारण इन गांवों का अन्य गांवों से संपर्क कट गया है। ग्रामीणों को पशुओं के लिए चारा आदि लाने में खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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सोमवार की सुबह बिजनौर बैराज से 93 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इसके कारण तिगारी का जलस्तर 15 सेंटीमीटर बढ़कर 200.40 हो गया, जबकि रविवार को तिगरी में 200.25 सेंटीमीटर दर्ज किया गया था। बीते 24 घंटे में गंगा का जल स्तर 15 सेंटीमीटर बढ़ने के कारण गजरौला क्षेत्र के दर्जन भर गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। खेतों में दूर तक पानी ही पानी दिखाई दे रहा है। गन्ने की फसल तक पानी में डूब गई हैं। गंगा और रामगंगा पोषक नहर के टापू पर बसे दारानगर, शीशों वाली, भुड्डी वाली सहित आधा दर्जन गांवों में बाढ़ का पानी गांवों में भर गया है। उधर पक्के में बसे गांव ओसीता जगदेवपुर के खेतों को जाने वाले रास्ते में पांच से छह फीट पानी भर गया है। बाढ़ को लेकर प्रशासन भी अलर्ट हो गया है। सभी बाढ़ राहत चौकियों को सतर्कता बरतने और संसाधनों से लैस रहने के निर्देश दिए गए हैं।
बिजनौर बैराज से छोड़े गए पानी के कारण नदी का जलस्तर बढ़ गया है। हालांकि, गंगा अभी खतरे के निशान से काफी नीचे है। प्रशासन बाढ़ को लेकर सतर्क है। नदी के जलस्तर पर बारीकी से निगाह रखी जा रही है। - अनवार बहादुर खान जेई बाढ़ खंड तिगरी
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