गजरौला के तिगरी में मेले स्थल का कटान करती गंगा
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गजरौला(अमरोहा)। जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी ने कानपुर, मेरठ और बिजनौर गंग नहर के मुख्य अभियंताओं को पत्र लिखा है कि मेला संपन्न होने तक गंगा में पानी न छोड़ा जाए। कहा है कि अधिक जल के कारण तिगरी मेला को आयोजित करने में खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पानी ज्यादा होने के कारण मेले में आने वाले श्रद्धालुओं के डूबने की आशंका रहेगी।
इस बार बाढ़ का सीजन लंबा रहने और 17 और 18 अक्तूबर को दो दिन लगातार व 24 अक्तूबर की रात हुई मूसलाधार बारिश होने के कारणा गंगा अब तक उफान पर रही, जबकि बीते सालों में सितंबर में ही पानी काफी कम हो जाता था। मेले में आने वाले श्रद्धालुओं के स्नान लिए ऊपर से पानी छुड़वाना पड़ता था। मगर इस बार हालात विपरीत हैं। गंगा में जल अधिक है। जिसके चलते जिला पंचायत को तिगरी में लगने वाले मेले की तैयारियां करने में परेशानी सामना करना पड़ रहा है। किनारे पर ही गहरा पानी होने के कारण अभी घाट बनाने का काम शुरू नहीं किया गया है। इसके अलावा गंगा में पानी अधिक होने के कारण श्रद्धालुओं के डूबने की आशंका रहेगी। जिससे जिला पंचायत की चिंता बढ़ी है।
जिला पंचायत ने मेरठ, बिजनौर और कानपुर के अपर गंग नहर के मुख्य अभियंताओं को पत्र लिखा है। कहा है कि अमरोहा के तिगरी में गंगा किनारे जिला पंचायत द्वारा मेले का आयोजन किया जा रहा है। कार्तिक पूर्णिमा पर मुख्य स्नान है। जिसमें 15 लाख से अधिक श्रद्धालु गंगा में डुबकी लगाएंगे। मेला संपन्न होने तक गंगा में जल न छोड़ा जाए।
मेरठ, बिजनौर, कानपुर के अपर गंग नहर के मुख्य अभियंताओं को पत्र लिखा है। उनसे अनुरोध किया है कि कार्तिक पूर्णिमा पर लग रहे मेले को संपन्न होने तक गंगा में पानी न छोड़ा जाए। फिलहाल ही गंगा में पानी बहुत अधिक है। और पानी छोड़ दिया तो मेला स्थल तक पानी भर जाएगा।
-हरमीक सिंह अपर मुख्य अधिकारी, जिला पंचायत अमरोहा