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आदमपुर प्रकरण में शामिल एक एसआई सहित छह पुलिस कर्मी लाइन हाजिर

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अमरोहा। झूठे ऑनर किलिंग में पिता-भाई और रिश्तेदार को जेल भेजने के षड्यंत्र में शामिल एक एसआई सहित छह पुलिस कर्मियों को एसपी ने लाइन हाजिर कर दिया है। जबकि बरेली के बिथरी चैनपुर कोतवाली प्रभारी इंस्पेक्टर और अन्य गैर जनपद ट्रांसफर हुए अन्य आरोपी पुलिस कर्मियों के खिलाफ संबंधित एसपी को रिपोर्ट भेजी गई है। प्रकरण में 14-एक की कार्रवाई पूर्ण होने तक लाइन में रहेंगे। उधर आरोपियों पुलिस कर्मियों में हड़कंप मचा है। ये ही वजह है कि एफआईआर दर्ज होने के बाद छुट्टी पर गए चार पुलिस कर्मी वापस नहीं लौटे हैं। इसमें एक सिपाही की छुट्टी खत्म होने के बाद तीन दिन बाद भी गैरहाजिर है।
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आदमपुर पुलिस ने प्रेमी संग फरार हुई किशोरी की हत्या दिखाकर 29 दिसंबर 2019 को किशोरी के पिता-भाई और एक रिश्तेदार को ऑनर किलिंग के आरोप में जेल भेज दिया था। लेकिन 7 अगस्त 2020 को किशोरी अपने प्रेमी पति के घर जीवित मिलने पर पुलिस के षड्यंत्र से पर्दा उठ गया था। जेल से छूटने के बाद पीड़ित पिता ने न्यायालय की शरण ली थी। जिसके बाद मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश पर आदमपुर पुलिस ने तत्कालीन इंस्पेक्टर अशोक कुमार शर्मा सहित 11 पुलिस कर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई।
प्रकरण का मुख्य आरोपी इंस्पेक्टर बरेली में बिथरी चैनपुर कोतवाली के प्रभारी के पद पर तैनात है। जबकि एसआई आरिफ का तबादला शाहजहांपुर और राकेश कुमार पीलीभीत हो गया है। इसमें दरोगा विनोद कुमार त्यागी सेवानिवृत्त हो चुके हैं। इसके अलावा कांस्टेबल भूपेंद्र सिंह 8 बटालियन पीएसी बरेली में तैनात है। जबकि एसआई मनोज कुमार अमरोहा पुलिस लाइन फील्ड यूनिट प्रभारी है। सिपाही कृष्णवीर सिंह गजरौला थाना में तैनात है। जबकि अनिरुद्ध, दीपक कुमार, अपेक्षा तोमर और निधि अभी तक आदमपुर में ही तैनात हैं। आदमपुर थाने में तैनात चोरों सिपाही एफआईआर दर्ज होने की सूचना मिलते ही छुट्टी पर चल गए थे। छुट्टी खत्म होने के बाद भी दीपक कुमार को 25 अक्तूबर को थाने में वापसी करानी थी। लेकिन वह गैरहाजिर हो गया है। इस प्रकरण में सभी आरोपी पुलिस कर्मियों की 14एक की विभागीय कार्रवाई चल रही है।
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अब शुक्रवार को एसपी पूनम ने जनपद में तैनात आरोपी दरोगा मनोज कुमार, कांस्टेबल कृष्णवीर, अनिरुद्ध, दीपक कुमार, अपेक्षा तोमर और निधि को लाइन हाजिर कर दिया है। एसपी ने बताया कि विभागीय जांच पूरी होने और मुकदमे की विवेचना होने तक आरोपी लाइन में रहेंगे। साथ ही स्थानांतरित आरोपी इंस्पेक्टर अशोक शर्मा, दरोगा आरिफ, राकेश कुमार, कांस्टेबल भूपेंद्र के खिलाफ संबंधित एसपी को रिपोर्ट भेजी गई है। वहीं सेवानिवृत्त दरोगा विनोद त्यागी को भी तलब किया गया है।
यह था प्रकरण
अमरोहा। आदमपुर थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी किसान की बेटी छह फरवरी 2019 को खेत से अचानक गायब हो गई थी। किसान के बेटे ने शक के आधार पर पांच लोगों के खिलाफ बहन के अपहरण की एफआईआर दर्ज कराई थी। इस दौरान तत्कालीन इंस्पेक्टर अशोक कुमार शर्मा सहित अन्य पुलिस कर्मियों ने पिता, भाई और रिश्तेदार को ही ऑनर किलिंग का मुजरिम बना दिया था। वह भी उस अपराध में जो हुआ ही नहीं। पुलिस ने 29 दिसंबर 2019 को तीनों की गिरफ्तारी दिखाकर जेल भेज दिया था। लेकिन, लॉकडाउन के दौरान 7 अगस्त 2020 को किशोरी अपने प्रेमी पति के घर जीवित मिल गई। इसके बाद पुलिस की षड्यंत्रकारी स्क्रिप्ट से पर्दा उठ गया था। इस पूरे मामले में निर्दोष होने के बाद भी पिता को 11, भाई को 9 और रिश्तेदार को 15 महीने जेल में गुजारने पड़े। जेल से छूटने के बाद पीड़ित पिता ने न्यायालय की शरण ली। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश पर तत्कालीन इंस्पेक्टर अशोक कुमार शर्मा सहित 11 पुलिस कर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई है।
आदमपुर प्रकरण में शामिल पुलिस कर्मियों में एक दरोगा सहित छह पुलिस कर्मी जनपद में तैनात हैं। सभी को लाइन हाजिर कर दिया है। जबकि स्थानांतरित इंस्पेक्टर सहित अन्य पुलिस कर्मियों के खिलाफ संबंधित एसपी को पत्र लिखा गया है। -पूनम एसपी अमरोहा
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