गंगा की रेती में श्रद्धालुओं के दूर-दूर तक तंबू और डेरे लग गए हैं। चहुंओर तंबुओं का शहर बस गया है। जिधर नजर दौड़ाओ, उधर श्रद्धालुओं के तंबू नजर आ रहे हैं। सदर चौक भी दुकानदारों से सज गया है। मनोरंजन के साधन तैयार हो गए हैं। किसान यूनियन, महासभाओं, सामाजिक संगठनों के शिविर लगने लगे हैं।
कार्तिक पूर्णिमा पर लगा तिगरी गंगा मेला श्रद्धालुओं से भरता जा रहा है। मेले में श्रद्धालुओं के शिविर लग गए हैं। पुलिस और प्रशासनिक अफसरों के शिविर लगाए जा चुके हैं। उनमें अन्य तैयारियां की जा रही हैं। इसके अलावा विभिन्न महासभाओं के शिविर भी गंगा मेले में लग गए। सदर चौक के पास ही फायर स्टेशन बन गया है। स्काउट एवं गाइड का खोया पाया केंद्र स्थापित होने की तैयारी चल रही है। जिसमें जिलेभर के स्काउट एवं गाइड मेले में अपनों से बिछड़े लोगों को खोज कर मिलाने का काम करेंगे। उधर, मेले में श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला जारी है। कई किमी के इर्द गिर्द में तंबू दिखाई दे रहे हैं। जिनको देख ऐसा प्रतीत हो रहा है, जैसे गंगा की रेती में तंबुओं का शहर बस गया हो।
दुकानों से सजने लगा सदर चौक से मीना बाजार
गजरौला।
तिगरी मेले के शुभारंभ की तारीख पास आते ही मेला स्थल दुकानों से गुलजार होने लगा है। सदर चौक के आसपास श्रद्धालुओं के मनाेरंजन के लिए हिंडोला, झूला, मौत का कुआं आदि तैयार हो गए। चाट, पकौड़ी की दुकान लग गई हैं। जिन पर दिन भर युवाओं की भीड़ लगी रहती है। सदर चौक के दो भव्य गेट बन गए। इसके अलावा महिलाओं के लिए सौंदर्य प्रसाधन की कई दुकान सज गई हैं। सदर चौक से लेकर मीना बाजार दुकानों से धीरे-धीरे भरने लगा है। अब तक बाजार में सैकड़ों दुकान लग गई हैं।