गजरौला की तेवा एपीआई लिमिटेड में जांच को पहुंचे एसडीएम शशांक चौधरी एवं टीम।
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गजरौला। दवा बनाने वाली इजराइली कंपनी तेवा एपीआई लिमिटेड में एचसीएल टैंक में रिसाव की जांच को फिर से अफसरों की टीम पहुंचीं और वहां पहुंचकर बारीकी से निरीक्षण किया। फैक्टरी के सामने स्थित एक कबाड़ी की दुकान पर भी पहुंचे। एसडीएम ने जांच रिपोर्ट प्राप्त होने की पुष्टि करते हुए शीघ्र ही अग्रिम कार्रवाई की बात कही है।
मंगलवार को मुरादाबाद से आए असिस्टेंट डायरेक्टर इंडस्ट्रीज अनंत सिंह, एसडीएम शशांक चौधरी, क्षेत्रीय प्रदूषण अधिकारी जेपी मौर्य, एई अनिल कुमार शर्मा के साथ ही मुख्य अग्निशमन अधिकारी के वर्मा अपनी टीम के साथ तेवा एपीआई लिमिटेड में पहुंचे। इससे पूर्व टीम ने फैक्टरी के सामने ही स्थित एक कबाड़ी की दुकान पर जाकर भी जानकारी जुटाई। फैक्टरी प्रबंधन का दावा था कि उसके स्क्रेप जलाने की वजह से ही वातावरण में धुंध छा गई थी और लोगों को सांस लेने में तकलीफ हुई थी। इसके बाद टीम ने एचसीएल प्लांट में पहुंचकर बारीकी से निरीक्षण किया। वहां मौजूद फैक्टरी प्रबंधन और सुरक्षा अधिकारी ने फिर से दावा किया कि इस प्लांट से कोई रिसाव नहीं हुआ था। बताते हैं कि इसी दौरान वहां मौजूद एफएसओ के वर्मा ने उन्हें रविवार की रात को मौके पर की गई वीडियोग्राफी की क्लिप दिखा दी। इस पर सभी ने चुप्पी साध ली। इसके बाद अफसरों की टीम ने वहां घूमकर व्यवस्थाएं देखीं। बताते हैं कि सीएफओ के वर्मा ने अफसरों से कहा कि जब फैक्टरी में कोई गड़बड़ नहीं थी तो फिर उन्हें भीतर जाने से क्यों रोका गया? वह लगभग 15 मिनट तक बाहर ही मौजूद रहे। इसके बाद ही भीतर जाने दिया गया। जब वहां पहुंचे तो सीएफएल टैंक से रिसाव हो रहा था। क्षेत्रीय प्रदूषण अधिकारी जेपी मौर्य ने बताया कि उन्होंने जांच रिपोर्ट एसडीएम को सौंप दी दी है। वहीं एसडीएम शशांक चौधरी ने रिपोर्ट मिलने की पुष्टि की।