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अमरोहा: दुष्कर्म के आरोपी को शैक्षिक प्रमाण पत्र में दर्शाया नाबालिग, अधिकारी-कर्मचारियों पर एफआईआर

Sat, 02 Oct 2021 12:19 PM IST
प्राची प्रियम अमर उजाला नेटवर्क, अमरोहा

सार

माध्यमिक शिक्षा परिषद कार्यालय बरेली में फर्जीवाड़े का खेल उजागर होने से हड़कंप मच गया है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश पर देहात पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की है।
 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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माध्यमिक शिक्षा परिषद कार्यालय बरेली में बड़ा फर्जीवाड़ा उजागर हुआ है। अधिकारी-कर्मचारियों की मिलीभगत से दुष्कर्म के आरोपी के शैक्षिक प्रमाण पत्र (हाईस्कूल अंकपत्र) में उसे नाबालिग दर्शा दिया गया। फर्जी शैक्षिक प्रमाण पत्र के आधार पर आरोपी ने न्यायालय किशोर बोर्ड से खुद के किशोर होने का लाभ ले लिया। इसके बाद किशोरी के पिता ने न्यायालय की शरण ली। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश पर दुष्कर्म के आरोपी, उसके पिता और माध्यमिक शिक्षा परिषद कार्यालय बरेली के अधिकारी-कर्मचारियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है।
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आरोपी ने साल 2020 में किया था दुष्कर्म
नौगामा सादात थानाक्षेत्र के एक गांव में किसान का परिवार रहता है। किसान की नाबालिग बेटी कक्षा 10 में पढ़ती है। स्कूल में ही पढ़ने वाले कक्षा 12 के छात्र ने 24 अक्तूबर 2020 को छात्रा के साथ दुष्कर्म किया और उसके जेवर भी छीन लिए थे। पीड़ित पिता ने आरोपी के खिलाफ अपहरण कर दुष्कर्म व पोक्सो एक्ट अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज कराई थी। बाद में पुलिस ने आरोपी मनीष को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। 

इस बीच आरोपी मनीष और उसके पिता विनोद ने कॉलेज के कर्मचारियों अध्यापकों को धोखा देकर माध्यमिक शिक्षा परिषद बरेली कार्यालय के कर्मचारी अधिकारियों से सांठ-गांठ करके हाई स्कूल के अंकपत्र सह प्रमाण पत्र और गजट में मनीष की उम्र एक जुलाई 2004 की जगह फर्जी जन्मतिथि 1 जुलाई 2006 दर्शाकर फर्जी शैक्षिक प्रमाण पत्र तैयार करा लिए। इसके बाद फर्जी अंकपत्र सह प्रमाण पत्र को किशोरावस्था का लाभ लेने के उद्देश्य से न्यायालय किशोर बोर्ड अमरोहा में प्रस्तुत कर दिया। 
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धोखाधड़ी में शामिल थे कई अधिकारी-कर्मचारी
कूट रचित धोखाधड़ी पर आधारित हाई स्कूल के अंकपत्र के आधार पर 12 जनवरी 2021 को आरोपी मनीष को किशोर घोषित कर दिया गया। धोखाधड़ी के इस खेल में दुष्कर्म के आरोपी मनीष उसके पिता विनोद और माध्यमिक शिक्षा परिषद कार्यालय बरेली के अधिकारी-कर्मचारी शामिल रहे। छात्रा के पिता ने इसकी शिकायत एसपी से की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। लिहाजा उन्होंने न्यायालय की शरण ली। 

मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश पर शुक्रवार की देर रात अमरोहा देहात थाना पुलिस ने दुष्कर्म के आरोपी मनीष, उसके पिता विनोद कुमार और माध्यमिक शिक्षा परिषद कार्यालय बरेली के अधिकारी और कर्मचारियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली है। सीओ सतीश कुमार पांडेय ने बताया कि प्रकरण में केस दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है। साक्ष्य और सबूतों के आधार पर आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी।

इन धाराओं में दर्ज हुआ मामला
सीओ सिटी सतीश कुमार पांडेय ने बताया कि दुष्कर्म के आरोपी को नाबालिक दर्शाने के लिए धोखाधड़ी कर शैक्षिक प्रमाण पत्र तैयार करने के मामले में आईपीसी की धारा 420, 467, 468, 471 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।
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