अमरोहा। रमजान का चांद नजर आते ही मुस्लिम समाज में खुशी की लहर दौड़ गई। ईशा की नमाज के बाद मस्जिदों में तरावीह की नमाज अदा की गई। चांद नजर आते ही बाजार में रौनक बढ़ गई। शाम के समय बच्चे चांद देखने के लिए घरों की छतों पर पहुंच गए। चांद का दीदार करने के बाद बड़े और बच्चों ने दुआ की।
शनिवार शाम को रमजान उल मुबारक का चांद नजर आया तो मुस्लिम समाज में खुशी की लहर दौड़ गई। लोगों ने अपने-अपने घरों की छतों से चांद का दीदार किया। बच्चों व महिलाओं में चांद देखने के लिए ख़ास उत्साह देखा गया। जैसे ही चांद के दीदार हुए, एक दूसरे को मुबारकबाद देने का सिलसिला शुरू हो गया। वहीं, एक दूसरे को मोबाइल पर फोन व मैसेज के जरिए रमजान की आमद की मुबारकबाद दी।
उलेमाओं द्वारा चांद दिखने की पुष्टि करते हुए मस्जिदों से रमजान की आमद का ऐलान कर दिया गया। उन्होंने रोजेदारों से रोजे का एहतराम करने की अपील की, गलत कामों से बचने की ताकीद की है। उलेमा ने कहा है कि रोजा केवल भूखे और प्यासे का नाम नहीं है बल्कि आंख से गलत नहीं देखें। हाथ से किसी को तकलीफ नहीं पहुंचाएं। जुबान से दूसरों की बुराई या गाली नहीं दें। शरीर के हर हिस्से का रोजा है। ऐसे में रोजेदार हर गलत काम से बचें। वहीं, ईशा की नमाज के बाद शहर की लगभग सभी मस्जिदों में नमाज ए तरावीह पढ़ी गई। इससे पहले मद्देनजर शनिवार शाम बाजार में भीड़ बढ़ गई।