अप्रैल के महीने में मई और जून जैसी भीषण गर्मी पड़ रही है। पारा 42 डिग्री के पार चल रहा है। बावजूद इसके शहर में हर एक घंटे में पंद्रह मिनट से अधिक की बिजली कटौती हो रही है। इतना ही नहीं रविवार की सुबह से गुलड़िया बिजली घर से जुड़े छह से अधिक मोहल्लों में चार घंटे से बिजली आपूर्ति ठप है। घरों में पेयजल की किल्लत हो गई है। इन्वर्टर जवाब दे गए हैं। गर्मी में रोजेदारों को अधिक परेशानी का सामना करना पड़ा रहा है।
भीषण गर्मी में गांवों के साथ शहर में भी बिजली की अघोषित कटौती हो रही है। रविवार की सुबह चार घंटे हुई कटौती ने लोगों की नींद हराम कर दी। दिन में लोकल फाल्टों ने लोगों को बेहाल कर दिया। उपकेंद्र ओवरलोड होने से चल नहीं पा रहे हैं। इससे गांवों में बिजली आपूर्ति की हालत दयनीय है। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली कटौती का कोई समय निर्धारित नहीं है। कभी दिन में चार से पांच घंटे तो कभी रात में पांच से छह घंटे की कटौती हो रही है।
इसके बाद लोकल फाल्ट बढ़ने से ग्रामीणों को छह घंटे भी बिजली नसीब नहीं हो रही है। कटौती के चलते गर्मी से बेहाल लोग चैन से सो भी नहीं पाए।
24 घंटे में शहर के लोगों 15 घंटे ही बिजली नसीब हो रही है। इससे भीषण गर्मी में लोग बेहाल रहे। वोल्टेज कम मिलने से बढ़ा लोड बढ़ने के कारण तार टूट रहे हैं। अघोषित कटौती और लोकल फाल्ट के साथ लो वोल्टेज की भी समस्या पैदा हो गई है। कम वोल्टेज मिलने से 33 व 11 केवी के तार ओवर लोड होने से खुद टूट कर गिर रहे हैं। जिस कारण बार-बार बंद होने से बिजली ठप रहती है। देहात में फसलों की सिचाई नहीं हो पा रही है।