पलौला में गुले आयशा ग्राम प्रधान हैं। पिछले दिनों मनरेगा फर्जीवाड़े के बाद उनके परिवार के राशन कार्ड बने होने के मामला सामने आया था। मनरेगा में जहां परिजनों व अन्य लोगों के गलत जॉब कार्ड बिना काम किए ली गई मजदूरी की राशि के रूप मे उन्हें 8.64 लाख रुपये की रिकवरी जमा करनी पड़ी थी।
वहीं राशन कार्ड की शिकायत होने के बाद उन्हें अपना राशन कार्ड भी सरेंडर करना पड़ा था। जिसको निरस्त कर दिया गया था।
अब उनके द्वारा स्वच्छ भारत मिशन के तहत अपात्रों को शौचालयों का लाभ दिए जाने की शिकायत की गई है। शिकायतकर्ता महरोज, इमरान, वकील अहमद, मोहम्मद अरबान ने डीएम को दिए शिकायती पत्र में कहा है कि प्रधान द्वारा अविवाहित व बाहर रहने वाले लोगों को भी शौचालय का लाभ दे दिया। शिकायतकर्ताओं ने अपात्रों की सूची भी डीएम को सौंपी है।
शौचालय का लाभ लेने वालों में प्रधान की पुत्रवधू व क्रिकेटर मोहम्मद शमी की बहन शबीना का नाम भी शामिल बताया गया है। डीएम निधि गुप्ता वत्स का कहना है कि मामले की शिकायत फिलहाल नहीं मिली है। शिकायत मिलने पर जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
मनरेगा मामले में रोजगार सेवक व सचिव पर होगी कार्रवाई
अमरोहा। ब्लॉक के नसीर नंगला में मनरेगा में प्रधान व रोजगार सेवक द्वारा अपने परिजनों को मजदूरी के 1.24 लाख रुपये लेने के मामले में अब रोजगार सेवक व सचिव पर कार्रवाई की तलवार लटक गई है। मामले में बीडीओ द्वारा पुलिस को मुकदमे के लिए तहरीर सौंपी गई थी। लेकिन मनरेगा नियमों में मुकदमे का प्रावधान न होने पर बीडीओ द्वारा तहरीर को वापस ले लिया गया है। मामले में अब रोजगार सेवक व सचिव को नोटिस जारी किया जाएगा।
नसीर नंगला में ग्राम प्रधान नरेंद्र सिंह द्वारा अपनी पत्नी कमलेश एवं पुत्री आशी व हिमानी का जॉब कार्ड बनवाते हुए 55270 रुपये व रोजगार सेवक दीपक कुमार ने अपने पिता तिरमल सिंह व माता निमलेश के नाम मजदूरी दर्शाकर 68720 रुपये निकाले थे। मामले की शिकायत उच्चाधिकारियों से की गई थी। जिसकी जांच के बाद दोनों को दोषी पाया था। मामले में पंचायत सचिव सुमित कुमार का स्पष्टीकरण भी तलब किया गया था। जांच के बाद प्रधान व रोजगार सेवक से निकाली गई मजदूरी की रकम 1.24 लाख रुपये की वसूली कर ली गई थी। परियोजना निदेशक अमरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि मनरेगा नियमों के तहत रोजगार सेवक व सचिव पर मामले में नोटिस जारी कर कार्रवाई की जाएगी।