नौगांवा सादात(अमरोहा)। धागा रंगाई और जैकेट फैक्टरी में शुक्रवार रात शॉर्ट सर्किट से आग भड़क गई। थोड़ी ही देर में आग की लपटें आसमान छूने लगीं। घटना से अफरातफरी का माहौल बन गया। मौके पर पहुंची अमरोहा-गजरौला की दमकल की गाड़ियों ने चार घंटे की कड़ी मशक्कत से आग पर काबू पाया। अग्निकांड में भारी नुकसान बताया गया है।
मोहल्ला नई बस्ती में मोहम्मद सफी का परिवार रहता है। उनके बेटे बाबू अंसारी जैकेट और धागा की रंगाई की फैक्टरी चलाते हैं। फैक्टरी में धागे की रंगाई होती है, जबकि जैकेट तैयार की जाती हैं। फैक्टरी नौगांवा सादात-नूरपुर रोड स्थित रामगंगा पोषक नहर के किनारे सिकरिया गांव के जंगल में स्थित है। शुक्रवार को फैक्टरी के मजदूरों की छुट्टी थी। लिहाजा बब्बू अंसारी शाम को करीब पांच बजे कारखाना बंद कर घर चले गए थे। लेकिन रात करीब 8 बजे कारखाने में आग लग गई। थोड़ी ही देर में आग की लपटें कारखाने से निकलकर आसमान छूने लगीं। स्थानीय लोगों ने घटना की जानकारी कारखाना मालिक को दी। सूचना मिलते ही बाबू अंसारी मौके पर पहुंच गए। स्थानीय लोगों की मदद से आग बुझाने की पुरजोर कोशिश की, लेकिन कामयाबी नहीं मिली।
सूचना मिलते ही अमरोहा और गजरौला फायर स्टेशन की पांच गाड़ियां मौके पर पहुंच गई। दमकल कर्मियों ने चार घंटे पानी की बौछार कर कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। अग्निकांड में कारखानों में लगी मशीन, टीनशेड और बिल्डिंग पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। जबकि बड़ी तादाद में तैयार जैकेट, जैकेट का कपड़ा, रमदा रुई और सूत धागा जलकर राख हो गया। मालिक बाबू अंसारी के मुताबिक कारखाने में बिजली नहीं है। सोलर प्लांट लगा हुआ है। सोलर प्लांट के करंट से शार्ट सर्किट हुआ है। अग्निकांड में भारी नुकसान हो गया है। बड़ा नुकसान होने के कारण कारोबारी का परिवार बदहवास है।
आग की लपटें देख मची अफरा-तफरी
नौगांवा सादात। सिकरिया गांव स्थित जैकेट व सूत धागे की रंगाई कारखाने में आग लगने के बाद स्थानीय लोगों में खलबली मच गई। आसमान छूती लपटों को देखकर लोगों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कारखाने के आसपास बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ एकत्रित हो गई। आग बुझने तक लोगों में खलबली मची रही।
रंगीन धागे से तैयार होती है कालीन और चादर
नौगांवा सादात। कारोबारी बाबू अंसारी ने बताया कि कारखाने में धागे की रंगाई की जाती है। इसके बाद रंगीन धागे से कालीन और चादर तैयार होती है। कारखाने में आने से पहले धागे का रंग सफेद होता है, कारोबारियों की पसंद के अनुसार धागे को रंग दिया जाता है।