अमरोहा। भारतीय विकास समिति की ओर से एक निजी इंटर कॉलेज में कौमी एकता मुशायरा का आयोजन किया गया। मुशायरे में शायरों ने अपने-अपने कलाम पेश कर खूब वाह-वाही लूटी।
मुशायरे की शुरुआत मोहम्मद कासिम ने नात-ए-पाक से की। मन्नान फराज जबलपुरी ने कहा कि दश्त को गुलशन कली को फूल करता कौन है, नर्म नाजुक तितलोयों में रंग भरता कौन है। खुमार देहलवी ने कहा कि कैसे-कैसे लोग कैसे भेष में मौजूद हैं, सेब की पैकिंग में बरसात के अमरूद हैं। सय्यद शीबान कादरी ने कहा कि इस खराबी का किसी को कुछ भी अंदाजा नहीं, जिंदगी वो घर है जिसका कोई दरवाजा नहीं। नुदरत नवाज ने कहा, मेरे बहकने की सब से बड़ी वजह हो तुम, सजा हूं जिसकी मैं उसकी फकत खता हो तुम।
इसके अलावा डॉ.रानू रूही, अंदाज अमरोहवी, रामश्याम हसीं, भुवन अमरोहवी, एहतराम सिद्दीकी राहुल प्रवासी, उत्सव त्यागी आदि ने भी अपने-अपने कलाम पेश किए। मुशायरे की अध्यक्षता प्रसिद्ध शायर मन्नान फराज जबलपुरी ने की जबकि विशिष्ट अतिथि खुमार देहलवी रहे। अतिथियों को स्मृति चिह्न एवं साहित्यिक शाल भेंट किए गए। कवियों ने अपनी बेहतरीन कविताएं प्रस्तुत कीं और खूब सराहना प्राप्त की। सञ्चालन अंदाज अमरोहवी ने किया। आखिर में महफिल की कन्वीनर ने सभी का शुक्रिया अदा किया।