अमरोहा। बहन के मंगेतर की हत्या कर शव को रेलवे ट्रैक के पास फेंकने के मामले में अपर जिला सत्र न्यायाधीश पॉक्सो द्वितीय की अदालत ने दो सगे भाइयों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही दोनों पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। दोनों आरोपी जमानत पर बाहर थे, फैसला आने के बाद कस्टडी में लेकर जेल भेज दिया गया है।
यह घटना गजरौला थानाक्षेत्र में 30 अप्रैल 2013 की है। डिडौली गांव में किसान हरकेेश सिंह का परिवार रहता है। उनका बेटा ओमप्रकाश निजी फोटोग्राफर था। घटना वाले दिन करीब साढ़े तीन बजे ओमप्रकाश बीस मिनट में लौटकर आने की बात कहकर घर से निकला था। लेकिन वह देर रात तक वापस नहीं लौटा तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू कर दी। इस दौरान एक परिचित ने बताया कि उसने ओमप्रकाश को सुरेश, योगेद्र निवासी कासिमपुर बिल्लौच थाना शिवाला कलां जनपद बिजनौर और ताराचंद निवासी खजूरका सराय मुरादाबाद के साथ देखा है। इसके कुछ घंटों बात गजरौला थानाक्षेत्र में रेलवे लाइन के पास ओमप्रकाश का शव पड़ा मिला था।
इस मामले में पिता हरकेश सिंह ने गजरौला थाने में तीनों आरोपियों के खिलाफ हत्या की एफआईआर दर्ज कराई थी। आरोप लगाया था कि बिजनौर के थाना शिवाला कलां क्षेत्र के गांव कासिमपुर बिल्लौच के रहने वाले चेतराम के बेटे सुरेश और योगेंद्र ने अपनी बहन गुड़िया के साथ ओमप्रकाश का रिश्ता किया था। लेकिन ओमप्रकाश ने गुड़िया से चार जून 2012 को रिश्ता तोड़ लिया था। बहन का रिश्ता टूटने के बाद सुरेश और योगेंद्र दोनों भाई ओमप्रकाश से रंजिश रखने लगे थे। पुलिस ने विवेचना कर सुरेश और योगेंद्र के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था। जबकि एक आरोपी ताराचंद का नाम निकाल दिया था। पुलिस ने दोनों भाइयों को जेल भेज दिया था। फिलहाल दोनों हत्यारोपी भाई जमानत पर जेल से बाहर थे।
यह मुकदमा अपर जिला सत्र न्यायाधीश पॉक्सो द्वितीय कुसुम लता की अदालत में विचाराधीन था। अभियोजन पक्ष की तरफ से अपर जिला शासकीय अधिवक्ता अमित वशिष्ठ ने पैरवी की। साक्ष्य और सबूतों के आधार पर न्यायालय ने दोनों भाइयों को दोषी पाया और फैसले को सुरक्षित कर लिया। इस मामले में बुधवार को न्यायालय ने दोनों भाई सुरेश और योगेंद्र को आजीवन कारावास की सजा सुनाई और 25-25 हजार का जुर्माना लगाया है।
रिश्ता तोड़ने पर दी मौत
अमरोहा। बहन का रिश्ता तोड़े जाने से नाराज सुरेश और योगेंद्र ने तय कर लिया था कि जिसने हमारी इज्जत उछाली है, उसे मार कर ही दम लेंगे। आरोपी सुरेश की बहन गुड़िया का रिश्ता मृतक ओमप्रकाश के साथ हुआ था। बाद में ओमप्रकाश ने रिश्ते से मना करते हुए रिश्ता तोड़ दिया था। इसको लेकर पंचायतें भी हुईं थीं। लेकिन दोनों परिवारों के बीच शादी को लेकर सहमति नहीं बनी थी। इसके बाद ओमप्रकाश की शादी दूसरी जगह तय हो गई थी। तभी दोनों भाइयों ने ओमप्रकाश की हत्या की कहानी लिख डाली थी।
हत्या से पंद्रह दिन पहले दी थी धमकी
अमरोहा। मृतक ओमप्रकाश के पिता का तर्क है कि दोषी भाइयों ने हत्या करने के पंद्रह दिन पहले ही ओमप्रकाश से पूछा कि तुम्हारी शादी कब है। इस पर ओमप्रकाश ने एक माह बाद शादी होने की बात कही थी। इस पर आरोपियों ने कहा था कि शादी तो तब होगी, जब हम तुम्हें जिंदा छोड़ेंगे और उसकी हत्या कर दी थी।
पीड़िता पिता को मिलेगी जुर्माने की आधी धनराशि
अमरोहा। न्यायालय ने ओमप्रकाश के हत्यारोपियों को आजीवन कारावास और 25-25 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाते हुए पीड़िता पिता को अर्थदंड की आधी धनराशि देने के आदेश दिए हैं। इस तरह से मृतक ओमप्रकाश के पिता को जुर्माने के रूप में 25 हजार की धनराशि मिलेगी।