अमरोहा। मैं तिगरी धाम हूं...यहां आस्था है... उमंग है... उल्लास है...। यहां संस्कृति के विभिन्न रंग हैं। यहां परंपरा है तो आधुनिकता की बहार भी है। गरीब और अमीर सभी एक तट पर एक उद्देश्य के लिए आए हैं। यहां शहर और ग्रामीण संस्कृति का संगम है। कहीं ढोल की थाप लोग झूम रहे हैं तो कहीं जादू देख हैरान हैं। मिक्की माउस पर लुब्ध बच्चे हैं तो रोटी के लिए तिजारत कर रहा बचपन दिख रहा है। झूले, सर्कस और मौत के कुएं में करतब से पिकनिक का पूरा माहौल है। गंगा स्नान कर भजन कीर्तन कर रहे कल्पवासियों का मेला भी है। ये तिगरी मेला है।
तिगरी मेले के लिए श्रद्धालुओं का जन सैलाब खूब उमड़ रहा है। दूूर-दूर के इलाकों से श्रद्धालु तिगरी की ओर चले आ रहे हैं। ट्रैक्टर-ट्रालियों, टाटा मैजिक, बैल गाड़ी, भैंसा-बुग्गी, जुगाड़ू और अन्य वाहनों से तिगरी धाम पर पहुंचना जारी रहा है। तिगरी गंगा धाम मेला पूरी तरह भर सा गया है। लाखों श्रद्धालु पतित पावनी गंगा में डुबकी लगाकर लोग पुण्य लाभ कमा रहे हैं। शहर से लेकर गांव तक के लोग अपने डेरे लगाए हुए हैं। मेले में आए बच्चों और युवाओं के लिए चाट-पकौड़ी का आनंद ले रहे है। इतना ही नहीं यहां वर्षों से दूर रहे अपने यार-रिश्तेदार भी मिले रहे हैं। एक-दूसरे को डेरों में बुलाकर महमान नवाजी की जा रही है। कार्तिक पूर्णिमा 19 नवंबर की सुबह को है। 18 नवंबर (आज) शाम को दीपदान होगा। रात्रि बारह बजे के बाद मुख्य स्नान शुरू हो जाएगा। इसलिए लगातार श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। पुलिस-प्रशासनिक दावा है कि बुधवार की शाम तक मेले में करीब 15 लाख श्रद्धालु पहुंच चुके हैं।
हिंडोला और झूलों पर उमड़ रहे श्रद्धालु
मेला स्थल पर हिंडोला, झूले, मौत का कुआं, काला जादू के नाम पर डांस देखने को श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। इसी तरह मनोरंजन वाले क्षेत्र में पुलिस भी सक्रिय दिखाई दी। वहीं सौंदर्य प्रशाधन की दुकानों पर महिलाओं की भी भीड़ लगी रही। फिरकी, गुब्बारे, पपीहा, बांसुरी आदि फेरी वालों को बच्चे घेरे हुए नजर आए।
सुबह से ही गंगा घाट पर लग रहा श्रद्धालुओं का तांता
स्नान करने के लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं का गंगा घाट पर तांता लग रहा है। श्रद्धालुओं गंगा में डुबकी लगा कर पुण्य लाभ कमा रहे हैं। गंगा स्नान के दौरान गंगा मईया को नमन और सूर्य नारायण को अर्घ्य देकर मिन्नते मांग रहे हैं।
सॉफ्टी और जलेबी पसंद कर रहे श्रद्धालु
तिगरी धाम। गंगा मेला में श्रद्धालु यहां लगे मेले का पूरा आनंद ले रहे हैं। स्नान के साथ-साथ खाने पीने का भी पूरा स्वाद ले रहे हैं। मेले में सॉफ्टी, जलेबी, पकौड़ी, छोले-भटूरे के स्टालों पर भी श्रद्धालुओं की भीड़ भोर होते ही लगनी शुरू हो जाती है।
स्काउट छात्र के जज्बे को सलाम
तिगरी धाम। स्काउट छात्र इस बार भी अपनी सराहनीय सेवा के जलवे बिखेर रहे हैं। दिन निकलते ही तमाम छात्र अपनी यूनीफार्म पहनकर पूरे मेले में छा जाते हैं। वैसे इनका फोकस स्नान घाट और बाजार मुख्य रूप से रहते हैं। इन छात्रों ने अभी तक 20 से अधिक खोए हुए बच्चों को तलाश कर उनके परिजनों तक पहुंचाया है। उनका कार्य लगातार जारी है।
विभिन्न संगठनों के कैंपों में रागिनी और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम
तिगरी धाम। गंगा मेले में जहां एक ओर श्रद्धालुओं के मनोरंजन के लिए खेल तमाशे और झूले लगाए गए थे। वहीं मेले में लगे विभिन्न संगठनों के कैंपों में रात भर सांस्कृतिक कार्यक्रम चलते रहे हैं। रागनी प्रतियोगिताओं के अलावा अलावा सांस्कृतिक कार्यक्रम की धूम हैं।
गंगा तट पर महकी खिचड़ी की खुशबू
तिगरी धाम। कार्तिक पूर्णिमा पर तिगरी गंगा धाम मेले में उड़द और चावल की खिचड़ी की महक रही है। श्रद्धालु परिवार के साथ खिचड़ी का जायका ले रहे हैं। वहीं विभिन्न संगठनों ने भी खिचड़ी और हलवा का वितरण किया जा रहा है।
एसपी का कथन
मेले में सुरक्षा की दृष्टि से कड़े इंतजाम किए गए हैं। श्रद्धालुओं को डूबने से बचाने के लिए गोताखोर तैनात हैं। पुलिस मोटर बोट से गंगा में निगरानी कर रही है।- पूनम एसपी अमरोहा