फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Amroha News: लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन प्लांट के लिए नहीं मिली जमीन

Fri, 09 May 2025 01:32 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
विज्ञापन
विज्ञापन
अमरोहा। जिले के सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध ऑक्सीजन सिलिंडर आपात स्थिति में घायलों और गंभीर मरीजों की जान बचाने के लिहाज से बेहद जरूरी होते हैं।
विज्ञापन

जिम्मेदारों की लापरवाही के चलते लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन प्लांट स्थापित करने के लिए जमीन नहीं मिल सकी। बीस लाख रुपये की लागत से तैयार होने वाले इस प्लांट को मुरादाबाद के बिलारी में शिफ्ट करना पड़ा। इस प्लांट से अस्पताल में उपलब्ध सिलिंडरों में ऑक्सीजन की रिफिलिंग करने में सहूलियत मिलती।
शासन ने करीब दो साल पहले जिले के स्वास्थ्य विभाग को लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन प्लांट की सौगात दी थी। ताकि सिलिंडरों में ऑक्सीजन की बाहर से रिफिलिंग न करानी पड़े और जरूरत के समय स्थानीय स्तर पर ही सिलिंडरों की रिफिलिंग की जा सके। इसके लिए करीब बीस लाख रुपये की लागत से प्लांट जिला अस्पताल में स्थापित किया जाना था।
विज्ञापन

प्लांट के लिए भेजा गया टैंक डेढ़ साल तक जिला अस्पताल परिसर की टीबी क्लीनिक में रखा रहा। इस दौरान महकमे के आला अफसर अस्पताल में प्लांट के लिए जगह ही उपलब्ध नहीं करा सके। लिहाजा अधिकारियों ने जमीन उपलब्ध नहीं होने के संबंध में रिपोर्ट शासन को भेज दी। जिसके बाद शासन स्तर से इस दस हजार लीटर मेडिकल ऑक्सीजन क्षमता का प्लांट मुरादाबाद भेज दिया गया। इसके साथ ही जिले के सरकारी अस्पतालों में मेडिकल ऑक्सीजन की स्थानीय स्तर पर ही रिफिलिंग की बेहतरीन योजना धरी रह गई।
जिला अस्पताल में कुल 120 ऑक्सीजन सिलिंडर
आकड़ों की बात करें तो जिला अस्पताल की ओटी, एसएनसीयू और इमरजेंसी के लिए 36 बड़े समेत कुल 120 ऑक्सीजन सिलिंडर उपलब्ध हैं। इसके अलावा सभी सीएचसी पीएचसी में भी मरीजों के लिए करीब 600 ऑक्सीजन सिलिंडर उपलब्ध हैं। इनकी रिफिलिंग बिजनौर की फर्म से कराई जा रही है। विभागीय स्तर पर प्लांट नहीं होने से ऑक्सीजन सिलिंडरों की रिफिलिंग पर सालाना लाखों रुपये का खर्च आता है।
विज्ञापन

- जिले में लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन प्लांट स्थापित होना था, लेकिन किसी भी अस्पताल परिसर में प्लांट स्थिापित करने लायक जमीन नहीं थी। इस संबंध में शासन को पत्र लिखकर अवगत कराया गया। जिसके बाद पता चला है कि इस प्लांट को शासन स्तर से ही मुरादाबाद के बिलारी में ट्रांसफर कर दिया है। - डॉ. एसपी सिंह, सीएमओ
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें