विद्यार्थियों में रचनात्मक सोच विकसित करने व आत्मविश्वास और जीवन कौशल को बढ़ावा देने के लिए माध्यमिक शिक्षा विभाग ने भी विद्यालयों में समर कैंप आयोजित किए जाने का निर्णय लिया है। इसका आयोजन 21 मई से 10 जून के बीच किया जाएगा।
बेसिक स्कूलों के बाद अब माध्यमिक स्कूलों में भी समर कैंप आयोजित किए जाएंगे। इसके लिए ग्रीष्मावकाश से पहले ही जिला स्तरीय इसके क्रियान्वयन की रणनीति तैयार करेगी। जिला स्तर पर डीएम की अध्यक्षता में इसकी कमेटी बनाई गई है। जिसमें डीआईओएस, सीएमओ व बीएसए व जिला उद्यान अधिकारी को शामिल किया गया है। समर कैंप के दौरान कला, विज्ञान, व्यायाम, संगीत व हिंदी आदि के शिक्षकों को मौजूद रहना होगा। कैंप के दौरान रोजाना अलग-अलग गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। जिसमें रोजाना सबसे पहले आधा घंटा योग व व्यायाम करना होगा। इसके बाद खेल व अन्य प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा।
कॅरिअर गाइडेंस की जानकारी भी मिलेगी
समर कैंप के दौरान बच्चों का कॅरिअर गाइडेंस की जानकारी भी दी जाएगी। जिसमें अपने-अपने क्षेत्र के विशेषज्ञ पहुंचकर कॅरिअर संबंधी टिप्स बच्चों को देंगे। इसके अलावा बच्चाें को कंप्यूटर की बेसिक जानकारी भी दी जाएगी। इसके अलावा बच्चों को किचन गार्डन के बारे में भी बताया जाएगा। जिसमें पौधे उगाने की तकनीक व पौधों की देखभाल करना, सिंचाई आदि के बारे में बताया जाएगा।
अभिभावकों से भी अनुभव साझा करेंगे बच्चे
अंतिम दिन कैंप में बच्चों के अभिभावकों को बुलाया जाएगा। जहां शिक्षकों के सामने बच्चे अपने अभिभावकों से समर कैंप के अनुभवों को साझा करेंगे।
यह है समर कैंप का उद्देश्य
जिला समन्वयक समग्र शिक्षा एमपी सिंह ने बताया कि समर कैंप का उद्देश्य बच्चों में रचानात्मक सोच को विकसित करना है। इसके साथ ही बच्चों में टीम वर्क के साथ काम करना, आत्मविश्वास और जीवन कौशल का विकास करना, सामाजिक व सांस्कृतिक मूल्यों की समझ विकसित करना तथा खेलकूद, कला, विज्ञान और सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों का समग्र विकास करना है।
- सभी माध्यमिक स्कूलों में समर कैंप का आयोजन होगा। इसके लिए सभी विद्यालयों को दिशा निर्देश जारी कर दिए गए हैं। समर कैंप का आयोजन विद्यार्थियों के समग्र विकास में सहायक सिद्ध होगा।
- वीपी सिंह, डीआईओएस