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महिलाओं के हक का शुरू से हिमायती है इस्लाम : डॉ. अहसन

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Islam is an advocate of women's rights from the beginning: Dr. Ahsan - फोटो : JPNAGAR
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अंजुमन जानिसारे हुसैन की ओर से बीबी फातिमा जेहरा की शहादत पर शिया समाज में गमगीन माहौल में गम ए-आजाए मासूमां ए आलम शीर्षक से मजलिस का आयोजन हुआ, जिसमें उलेमा हजरात ने बीबी फातिमा की जिंदगी पर रोशनी डाली।
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शहर के आजाखाना मेमूना खातून में अंजुमन जानिसरे हुसैन की ओर से पांच दिवसीय मजलिस का आयोजन दुख्तरे रसूल बीबी फातिमा की शहादत पर किया गया था, जिसमें उलमा ए कराम बीबी फातिमा की जिंदगी पर विस्तार से जानकारी दी। नायब शिया इमाम डॉ. अहसन अख्तर ने कहा की सिद्दिका ए ताहिरा बीबी फातिमा का किरदार हर दौर की महिलाओं के लिए मिसल ए राह है। उन्होंने कहा की यदि हमे अपने घरों को जन्नत बनाना है तो खातून ए जन्नत यानी बीबी फातिमा की जिंदगी को समझना होगा। इसके साथ ही उस पर अमल करना होगा। मौलाना ने बताया कि आज का समाज महिला सशक्तिकरण की बात करता है ,लेकिन इस्लाम ने 1400 साल पहले ही महिलाओं के हक की बात की, मौलाना डॉ. अहसान ने शहजादी फातिमा की तालिमात को बयान किया और कहा की बीबी फातिमा ने अपने खादिमों से भी अच्छा सलूक किया और पैगाम दिया कि अपने पड़ोसियों, यतीमों और समाज के गरीबों लोगो से अच्छे तरह से पेश आना है और उनकी खामोशी के साथ मदद करनी है। इस दौरान मौलाना ने शहादत के मासाईंब को बयान किया जिसको सुनकर लोगो की आंखों से आंसू निकल आए। इससे पहले हसन इमाम ने सोज सलाम और मर्सिया पेश किया।
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