डाक्टर की लापरवाही से किशोर की जान पर बन आई। साधारण दर्द में इंजेक्शन लगाकर प्लास्टर चढ़ाने से टांग में इंफेक्शन हो गया। जान बचाने के लिए परिवार के लोगों ने दिल पर पत्थर रखकर बेटे की टांग कटवाने की इजाजत दे दी। पीड़ित ने अपने वकील के जरिए लापरवाह चिकित्सक को नोटिस भिजवाया है। इधर स्वास्थ्य विभाग ने ऐसी किसी सूचना के संज्ञान में होने से मना किया है।
नगर के मोहल्ला खारीकुआं चाहशोर निवासी भूकन लाल रघुवंशी पुत्र हरिलाल रघुवंशी के 15 वर्षीय बेटे सचिन की दाहिनी टांग में दर्द हुआ था। जिस पर 14 जनवरी 2016 को परिजनों ने उसको शहर के एक आर्थोपेडिक सर्जन को दिखाया था। आरोप है कि, डाक्टर ने उसे इंजेक्शन लगाया और कुछ दवाई खाने के लिए दी। इसके बाद दाहिनी टांग पर प्लास्टर चढ़ाकर अस्पताल में भर्ती कर लिया। अगले दिन टांग नीली पड़ गई।
आननफानन में डाक्टर ने प्लास्टर काटकर उसको मुरादाबाद के सांई अस्पताल भेज दिया। परिजनों का आरोप है कि चिकित्सक ने उनसे इलाज के नाम पर 50 हजार रुपये ऐंठ लिए।
मुरादाबाद के डाक्टरों ने दिल्ली के फोर्टिस अस्पताल में ले जाने की सलाह दी। भूकन लाल के मुताबिक फोर्टिस अस्पताल के डाक्टरों ने टांग पर प्लास्टर चढ़ा दिए जाने से बेटे के फेफड़ों में इंफेक्शन होना बताया। जान बचाने के लिए टांग काटने की बात कही। परिवार की सहमति मिलते ही उसकी टांग काट दी गई। भूकन सिंह ने अपने वकील अंजार आलम तुर्क एडवोकेट के जरिए आरोपी डाक्टर को नोटिस भिजवाकर हर्जाना मांगा है।