फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सरकारी अस्पतालों का हाल, डाक्टरों की कुर्सियां खाली, मरीज बेहाल

विज्ञापन
अमरोहा जिला अस्प्ताल में बिजली जाने के बाद अस्पताल में बंद पड़े पंखा और लाइट। - फोटो : JPNAGAR
विज्ञापन
अमरोहा। जिले की स्वास्थ्य सेवाएं कोरोना काल में भी बदहाल पड़ी है। अनलॉक में भी जिला अस्पताल और सीएचसी अमरोहा की स्वास्थ्य सेवाएं लॉक मिलीं। सरकारी अस्पतालों का हाल यह है कि डाक्टरों की कुर्सियां खाली पड़ी हैं। मरीज परेशान बेहाल हैं। डाक्टरों की रवैए में कोई बदलाव नहीं दिखा। ओपीडी में डाक्टरों के समय से नहीं पहुंचने का चलन अभी भी बरकरार है। सोमवार को सुबह 9:02 बजे तक जिला अस्पताल की ओपीडी में डाक्टरों की कुर्सियां खाली रही। जबकि 60 मरीज पर्ची कटाकर उनकी राह देख रहे थे। यही हाल अमरोहा सीएचसी का रहा। यहां सुबह 9:30 बजे ओपीडी में कोई डाक्टर नहीं पहुंचा था। यहां 13 मरीज इलाज के लिए उनके इंतजार में थे।
विज्ञापन

सुबह 09:02 बजे: सीएचसी अमरोहा
अमरोहा। सीएचसी अमरोहा की ओपीडी में कोई डाक्टर नहीं पहुंचा था। कमरों में ताले जड़े थे। तभी नेत्र विशेषज्ञ ओपीडी में पहुंचे। वह अपने कमरे का ताला खोलते मिले। जबकि पचौदरा से अपनी मां रइसा की आंख दिखने अस्पताल पहुंची फिरदौस उनका इंतजार कर रही थी। यहां कुल तेरह मरीजों ने अपनी पर्ची बना ली थी। लेकिन निर्धारित समय के एक घंटे बाद भी कोई डाक्टर ओपीडी में नहीं था।
सुबह 09:30 बजे: जिला अस्पताल की ओपीडी
अमरोहा। जिला अस्पताल की ओपीडी में सुबह 9: 30 बजे तक कोई डाक्टर ओपीडी में नहीं पहुंचा था। जबकि 60 मरीज ओपीडी की पर्ची कटाकर डाक्टर का इंतजार कर रहे थे। किसी को शुगर बीपी की शिकायत थी तो किसी को पेट में दर्द। मरीज डाक्टरों के कमरे के बाहर बैठे रहे। वहीं बाल रोग विशेषज्ञ तो ओपीडी में बैठे तो मिले, लेकिन वह मरीजों को देखने की बजाए मोबाइल पर मशगूल मिले।
विज्ञापन

पैरामेडिकल स्टाफ मौजूद मिला
अमरोहा। जहां डाक्टर अपने कमरे से गायब मिले। वहीं पैरामेडिकल स्टाफ अपनी जिम्मेदारी निभाते मिला। अल्ट्रासाउंड और पैथोलॉजी, दवा काउंटर में स्टाफ मौजूद मिला। वहीं 11 मरीजों को एंटी रैबीज वैक्सीन लग चुकी थी।
बत्ती गुल, पंखा-लाइट बंद
अमरोहा। सुबह साढे़ नौ बजे जिला अस्पताल में बिजली गुल हो गई। ओपीडी में अंधेरा छा गया। लाइट पंखे सब बंद हो गए। मरीज अंधेरे पसीने से तरबतर होकर डाक्टर का इंतजार करते रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें