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‘भाषा नहीं बल्कि, जीवन मूल्य, संस्कृति और संस्कारों की संवाहक है हिंदी’

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जूनियर हाईस्कूल में हिंदी दिवस पर सुलेख व कला प्रतियोगिता में बालिकाओं ने प्रतिभाग किया - फोटो : DHANAURA
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अमरोहा। हिंदी दिवस मंगलवार को धूमधाम से मनाया गया। शैक्षिक संस्थानों और दीवानी न्यायालयों में हिंदी की उपयोगिता और महत्ता पर प्रकाश डाला गया। वक्ताओं ने कहा कि हिंदी भाषा ही नहीं बल्कि जीवन मूल्य, संस्कृति और संस्कारों की संवाहक है। यह विश्व की सर्वाधिक वैज्ञानिक भाषा है। ऐसे में इसे दैनिक जीवन में अपनाए। हिंदी का डंका अब विदेशों में बजने लगा है। विदेशी भी हिंदी की तरफ आकर्षित होने लगे हैं।
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मंगलवार को जेएस हिंदू पीजी कॉलेज में हिंदी राष्ट्र का गौरव है हिंदी का वैश्विक परिदृश्य विषयक गोष्ठी में डॉ. वीबी बरतरिया ने कहा कि हिंदी केवल भारत की भाषा ही नहीं है, बल्कि जीवन, मूल्य, संस्कृति और संस्कारों की संवाहक है। हिंदी सरल, सुगम भाषा होने के साथ विश्व की सबसे अधिक वैज्ञानिक भाषा है। सभी लोग इसका प्रयोग करे। ताकि हिंदी का और अधिक विकास हो सके। उन्होंने कहा कि राष्ट्र भाषा के उत्थान के लिए सभी लोग आगे आए। ताकि अन्य लोग लाभान्वित हो सके। डॉ. बीना रूस्तगी ने कहा देश की आत्मा है हिंदी, इसके अस्तित्व को बनाए रखने के लिए व्यवहार में लाना होगा। विदेशी लोगों में हिंदी साहित्य के प्रति रुचि बढ़ रही है, लेकिन देश में हिंदी पर खतरा मंडराने लगा है। हिंदी का विरोध भी देखने को मिल रहा है। हालांकि हिंदी राष्ट्र की भावनात्मक एकता को स्थापित करती है।
डॉ. अशोक रुस्तगी ने कहा हिंदी विश्व में अपना परचम लहरा रही है, विदेशियों का रुझान हिंदी की ओर बढ़ रहा है। डॉ. संयुक्ता देवी ने कहा देश की उन्नति का मूल उस देश की राष्ट्र भाषा और संस्कृति होती है यदि हम दोनों का उत्थान कर सकते हैं तो हम देश को विश्व में स्थान दिला सकते हैं सकते हैं। डॉ. बबलू सिंह ने कहा भारत विविधताओं का देश है। डॉ. सविता ने कहा जन जागरण का मंत्र है हिंदी। सरलता और सुगमता के कारण एकता स्थापित करने में अहम भूमिका निभाती है। डॉ. रणदेव ने कहा हिंदी वैश्विक बाजार की भाषा के रूप में उभर रही है।
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प्रबंध समिति के मंत्री योगेश जैन, उमेश गुप्त, सुरेश विरमानी और हरीश अरोड़ा ने दीप प्रज्वलित कराया, जबकि राहुल राणा, अमन, अंकित, राहुल सैनी, सायमीन, रजनी, लक्ष्मी, ज्योति, बबली आदि ने हिंदी की उपयोगिता के बारे में जानकारी दी। इस दौरान डॉ. संजय शाही, डॉ. वीर वीरेंद्र, डॉ.हरेंद्र, डॉ. अरविंद, डॉ. ऋतुराज, डॉ. विशेष, डॉ.प्रवीण, डॉ. देवेंद्र, डॉ. मुकेश आदि रहे।
बाल कवि सम्मेलन में प्रवजोत को सर्वश्रेष्ठ कवि चुना
अमरोहा। दिल्ली पब्लिक स्कूल में हिंदी दिवस धूम धाम से मनाया गया। मानसी चौहान और मानसी चौधरी ने हिंदी दिवस क्यों मनाया जाता है इसके बारे में विस्तार से जानकारी दी। इसके बाद कक्षा पांच से कक्षा 10वीं तक के बच्चों के लिए बाल हिंदी कवि सम्मेलन हुआ, जिसमें प्रवजोत, आयुष, पवनीत, मानव, अमान, इंशाल आदि ने कविता से मन मोह लिया। प्रवजोत को सर्वश्रेष्ठ कवि चुना गया। संचालन सलोनी औरशौर्य ने किया। रोहित गहलौत और अनम इकबाल निर्णायक मंडल में थे। इस दौरान प्रधानाचार्य मनोज गोयल, तुषार गुप्त, दीपक चाहल, शालिनी अग्रवाल आदि रही।
न्यायालयों की भाषा हिंदी करने की अधिवक्ताओं ने मांग बुलंद की
अमरोहा। दीवानी न्यायालय परिसर में मंगलवार को हिंदी दिवस मनाया गया। अधिवक्ता वेलफेयर एसोसिएशन की ओर से बार कक्ष में आयोजित कार्यक्रम में न्यायालयों की भाषा हिंदी करने की मांग की गई। सचिव आलोक कुमार ने बताया कि हिंदी को सर्वोच्च सम्मान तब ही मिलेगा। जब न्यायालयों की भाषा पूर्णत: हिंदी हो जाए। हिंदी निज भाषा का गौरव है।
उन्होंने बताया कि संविधान सभा ने एकमत से यह निर्णय लिया कि हिंदी की खड़ी बोली ही भारत की राष्ट्रभाषा होगी । उस वक्त भारत के लिए गर्व का क्षण था जब आधिकारिक रुप से अपनाया गया। प्रदेश उपाध्यक्ष मनु शर्मा ने कहा कि लेख, कविता, निबंध लिखते हैं और भाषण भी देते हैं। अधिवक्ता राजीव गोले ने कहा पहले के समय में अंग्रेजी भाषा का ज्यादा चलन नहीं हुआ करता था। तब हिंदी बाहर रह रहे लोगों के लिए सम्माननीय होती थी। अंग्रेजी की मांग बढ़ने के कारण बच्चे हिंदी में पिछड़ते जा रहे हैं। आज हिंदी की दशा ये हैं कि बच्चों को सही उच्चारण में हिंदी बोलने या लिखनी में दिक्कत आती हैं। इस दौरान सतीश त्यागी, प्रवेश गिल, दिनेश सिंह, इफ्तेखार सैफी, शैलेंद्र सिंह, सचिन गुप्त, राहुल महेश्वरी, शिवांग यादव, देवेंद्र सिंह, अखिलेश शर्मा, खुसरो नदीम, कावेंद्र सिंह, इरफान मंसूरी, परम सिंह सैनी, जगदीश सिंह, देशराज सैनी, वीर सिंह सैनी, लखपत सिंह राणा, विजय सिंह, यतीश सिंह, देवेंद्र पाल सिंह, जितेंद्र सिंह, मोहम्मद उस्मान, संजीव जिंदल, ईश्वर सिंह, प्रमोद पाल आदि रहे।
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