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फाइनेंस कंपनी प्रबंधक और दो एजेंटों पर आत्महत्या के लिए उकसाने की एफआईआर

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अमरोहा। प्रताड़ना से आहत होकर जहर खाकर जान देने के मामले में पुलिस ने फाइनेंस कंपनी प्रबंधक और एजेंटों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने की एफआईआर दर्ज की है। ऋण चुकाने के बाद भी आरोपी मजदूर पर बकाया भुगतान होना बताकर प्रताड़ित कर रहे थे।
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नौगावां सादात थानाक्षेत्र के पीलाकुंड गांव निवासी ध्यान सिंह पेशे से मजदूर था। उसके परिवार में पत्नी मीनाक्षी के अलावा चार बच्चे हैं। घर की आर्थिक तंगी के चलते करीब एक साल पहले उसने ऊं नम: शिवाय फाइनेंस कंपनी गांव बुढ़नपुर पाइंदापुर जनपद बिजनौर से समूह पर 10 हजार रुपये का ऋण लिया था।
आरोप के मुताबिक ध्यान सिंह ने कंपनी का ब्याज सहित पूर्ण ऋण का भुगतान कर चुका था। बावजूद इसके फाइनेंस कंपनी प्रबंधक सत्यवती द्वारा अपने एजेंटों को घर भेजकर प्रताड़ित किया जा रहा था। 23 जुलाई को एजेंट सुनील और जॉनी घर आए थे। दोनों ने ध्यान सिंह और उसकी पत्नी को धमकाया। जातिसूचक शब्द कहे और गाली-गलौज की। जान से मरवाने की धमकी दी थी। एजेंटों ने चार हजार रुपये बकाया बताते हुए हंगामा किया था। प्रबंधक और कलेक्शन एजेंटों की प्रताड़ना को ध्यान सिंह बर्दाश्त नहीं कर सका। उसने ने घर में रखा जहरीला पदार्थ का सेवन कर लिया था। मेरठ के अस्पताल में शुक्रवार की रात इलाज के दौरान ध्यान सिंह की मौत हो गई।
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मेरठ में पोस्टमार्टम कराने के बाद शनिवार की दोपहर परिजन शव लेकर थाने पहुंचे थे। यहां परिजनों ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए हंगामा किया था। घटनाक्रम में मृतक ध्यान सिंह की पत्नी ने मीनाक्षी ने तहरीर दी थी। सीओ सतीश पांडेय ने बताया कि मामले में फाइनेंस कंपनी की प्रबंधक सत्यवती और कलेक्शन एजेंट सुनील और जौनी के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने, एससीएसटी एक्ट और गाली-गलौज की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है। मामले की जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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