कोरोना टीकाकरण को लेकर बड़ों से ज्यादा किशोरों में उत्साह है। किशोरों के उत्साह का अंदाजा स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों से लगाया जा सकता है। तीन दिन में 13,688 किशोर पहला टीका लगवा चुके हैं। यह आंकड़ा युवा और बुजुर्गों के शुरुआती दौरा से कहीं ज्यादा है। टीकाकरण नहीं करवाने वाले लोगों को किशोरों से सीख लेनी चाहिए। बड़े भले ही अपनी इस जिम्मेदारी से दूर हों, लेकिन कोरोना से लड़ाई में किशोर अपनी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
सोमवार को किशोरों के टीकाकरण की शुरुआत हुई है। अभियान के तीसरे दिन जिले में 15 से 18 आयु वर्ग के किशोरों ने कोरोना से बचाव का टीका लगवाया। सुबह नौ से शाम दो बजे तक स्कूलों में टीकाकरण किया गया। जबकि सरकारी अस्पतालों में शाम पांच बजे तक टीके लगाए गए। स्कूलों में बनाए गए बूथों पर किशोरों में टीकाकरण को लेकर काफी उत्साह था। स्कूलों में टीका लगवाने के लिए कतारबद्ध खड़े नजर आए।
कोरोना के खौफ से दूर उनके चेहरे खिले नजर आए। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ राजकुमार ने टीकाकरण केंद्रों पर निरीक्षण किया। यहां बच्चों से बात की और उनका हौसला बढ़ाया। अभियान के तीसरे दिन भी किशोरों ने पिछले दो दिन का रिकार्ड तोड़ दिया। किशोर वर्ग के 5330 छात्र-छात्राओं ने टीका लगवाया। जबकि पहले दिन 3765 और दूसरे दिन 4593 किशोरों ने टीका लगवाया था। वहीं 18 साल से अधिक उम्र वाले 11166 लोगों ने भी कोरोना रोधी डोज लगवाई है। एसीएमओ ने बताया कि किशोर रोजाना अपना रिकार्ड तोड़ रहे हैं। जबकि टीकाकरण के शुरुआती दौर में युवा और बुजुर्ग कहीं पीछे थे।