अमरोहा। मंडी धनौरा श्रीरामलीला प्रबंध समिति का चुनाव विवादों में घिर गया है। वर्षों से संस्था का नवीनीकरण नहीं हुआ और अवैध तरीके से चुनाव कर लिया गया। आरोप है कि नवनिर्वाचित अध्यक्ष सजायाफ्ता हैं, इसलिए उन्हें संस्था में बने रहने का कोई अधिकार नहीं है। शिकायत पर सहायक रजिस्ट्रार फर्म्स सोसायटीज एवं चिट्र्स ने कड़ा संज्ञान लिया। उन्होंने संस्था के क्रियाकलाप लोकनीति के विरुद्ध बताते हुए जिम्मेदारों से स्पष्टीकरण तलब किया है। 22 सितंबर को सहायक रजिस्ट्रार ऑफिस में संबंधित बिंदुओं पर जवाब देना होगा।
मंडी धनौरा में श्रीरामलीला प्रबंध समिति को लेकर खींचतान चल रही है। एक अगस्त को प्रबंध समिति का चुनाव के लिए वोटिंग हुई थी। जिसमें अजय गोयल को अध्यक्ष चुना गया था। बुधवार को नवनिर्वाचित प्रबंध समिति का शपथ ग्रहण होना प्रस्तावित है। इसी बीच अतुल त्यागी और राजीव कुमार शर्मा ने सहायक रजिस्ट्रार फर्म्स सोसायटीज एवं चिट्र्स मुरादाबाद में आपत्ति दर्ज कराई कि संस्था के पंजीकरण प्रमाण पत्र के नवीनीकरण की वैधता 16 मई 2006 तक थी। समय से नवीनीकरण नहीं कराए जाने के कारण संस्था अपंजीकृत हो गई थी। संस्था के तत्कालीन अध्यक्ष द्वारा एक नवंबर 2011 को प्रपत्र और शुल्क कार्यालय में जमा किया था। लेकिन संस्था में विवाद के कारण मूल अभिलेख प्रस्तुत नहीं किए गए। इस कारण संस्था के नवीनीकरण की प्रक्रिया लंबित रही। इसके बाद भी संस्था विवादों में रही थी।
पक्ष सुनने के बाद सहायक रजिस्ट्रार भूपेंद्र सिंह ने कहा कि एक सितंबर 2021 को प्रबंध समिति का चुनाव किन वैध सदस्यों के मध्य कराया गया है। साधारण सभा की सूची कार्यालय द्वारा अनुमोदित कराए बिना ही संस्था की प्रबंध समिति का निर्वाचन कराए जाने से निर्वाचन की शुचिता स्पष्ट रूप से प्रभावित है, संस्थाधिकारियों की मनमानी वित्तीय अनियमितता का द्योतक है। प्रबंध समिति के निर्वाचन में सजायाफ्ता मुजरिम का निर्वाचित होने से निर्वाचन की शुचिता स्पष्ट रूप से प्रभावित है। संस्था के पदाधिकारियों द्वारा तहबाजारी वसूली की शिकायत पहले से ही प्राप्त हैं।
ऐसे में रजिस्ट्रार ने चेतावनी देते हुए कहा कि संस्था का संचालन प्रबंधसमिति के पदाधिकारियों द्वारा मनमाने ढंग से किया जा रहा है, संस्था के क्रियाकलाप लोकनीति के विरुद्ध है। इसलिए संबंधित 22 सितंबर को दोपहर 1 बजे कार्यालय में उपस्थित होकर बिंदुवार साक्ष्य प्रस्तुत करें।
रामलीला प्रबंध समिति के चुनाव हर तीन साल बाद होते हैं। बीती एक सितंबर को समिति का चुनाव हुआ है। मुझे अभी कार्यभार हस्तगत नहीं कराया गया है। समिति के नवीनीकरण के बारे में मुझे कोई जानकारी नहीं है। अजय गोयल नवनिर्वाचित अध्यक्ष, रामलीला प्रबंध समिति धनौरा