आदमपुर थाना क्षेत्र में चालक को बंधक बनाकर लूट लिया गया। पीड़ित ने मामले की पुलिस से शिकायत की है, लेकिन पुलिस ने इस मामले में कोई कार्यवाही नहीं की है।
आदमपुर थाना क्षेत्र के गांव गारवपुर उर्फ रुस्तमपुर निवासी जगदीश ने दो सप्ताह पहले अपनी कुछ जमीन बेचकर एक नया ई-रिक्शा खरीदा था। जिसको चला कर अपना पालन पोषण कर रहा था। रोजोना की तरह बुधवार की शाम लगभग चार बजे ढबारसी बस स्टैंड पर अपनी ई रिक्शा लेकर खड़ा हुआ था। तभी मोटरसाइकिल पर सवार होकर दो व्यक्ति आए। जिन्होंने मटर की बोरी लाने को कह कर 300 रुपये किराया तय किया। ढबारसी से ई रिक्शा में एक व्यक्ति बैठकर साथ चल दिया। सैदनगली थाना क्षेत्र के गांव सकतपुर से निकल कर बागों में ई-रिक्शा रोड पर ही खड़ा करा दिया।
कहा कि हमारी मटर की फली की बोरी पास के ही खेत में पड़ी हैं। उन्हें आप उठवाकर ले आओ। पीड़ित साथ चला गया। दोनों व्यक्तियों ने चाकू की नोक पर चालक के मुंह पर टेप लपेटकर हाथ पैर बांध दिए। इसके बाद ई रिक्शा, जेब में रखे 5000 की नकदी समेत एक मोबाइल लेकर फरार हो गए। काफी समय के बाद राहगीरों ने देखा तो ग्राम प्रधान राजवीर को फोन किया। ग्राम प्रधान ने पीड़ित को साथ लेकर ढबारसी पुलिस चौकी पहुंचे। ढबारसी चौकी पुलिस ने घटना का स्थान थाना सैदनगली क्षेत्र बताकर पीड़ित को टरका दिया। जिसके बाद ग्राम प्रधान ने सैदनगली थानाध्यक्ष से बात की तो उन्होंने भी इधर उधर की बात बना कर तहरीर लेने से इनकार कर दिया। सैदनगली थानाध्यक्ष सत्येंद्र कुमार सिंह ने बताया कि पीड़ित द्वारा आदमपुर थाना क्षेत्र के ढबारसी से सवारी बिठाकर ले गया था। जिससे घटना आदमपुर पुलिस के अंतर्गत आती है। इसलिए पीड़ित को आदमपुर पुलिस को तहरीर देनी चाहिए। वहीं ढबारसी पुलिस चौकी इंचार्ज धर्मेंद्र सिंह का कहना है कि पीड़ित आया था लेकिन घटना सकतपुर की है जो थाना सैदनगली में आता है।