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डीएम के नाम है एंबुलेंस, उन्हें नहीं मालूम, कहां है-ये भी नहीं पता

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अमरोहा(अनिल चौहान)। जनपद में परिवहन विभाग के रिकॉर्ड में यूपी 23 जी-0184 नंबर पर एक एंबुलेंस डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट अमरोहा के नाम से पंजीकृत है। हैरानी की बात यह है कि डीएम या उनके स्टाफ को इसकी कोई जानकारी नहीं है। यह भी नहीं मालूम है कि इस एंबुलेंस का कहां इस्तेमाल हो रहा है। डीएम दफ्तर के साथ-साथ एआरटीओ कार्यालय और जिले की पुलिस भी इस एंबुलेंस की लोकेशन से बेखबर है।
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एआरटीओ कार्यालय में इस एंबुलेंस का रजिस्ट्रेशन डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट अमरोहा के नाम से 7 दिसंबर 2013 को कराया गया था। रजिस्ट्रेशन के बाद इसे यूपी 23 जी-0184 नंबर आवंटित किया गया। रजिस्ट्रेशन तिथि से तय हुई इसकी फिटनेस अवधि 6 दिसंबर 2015 को पूरी हो गई। इसके बाद इसकी फिटनेस का नवीनीकरण कराने का प्रयास न डीएम दफ्तर के स्तर से हुआ और न ही किसी और माध्यम से। परिवहन विभाग (एआरटीओ) के कार्यालय से फिटनेस अवधि व्यतीत कर चुके वाहनों की फिटनेस का नवीनीकरण न होने पर नोटिस जारी करने की व्यवस्था है। नोटिस देने से पहले डीएम के नाम पर गाड़ी का पंजीकरण देख कर्मचारियों के हाथ रुक गए।
इस बाबत जानकारी के लिए कलक्ट्रेट स्टाफ से संपर्क किया तो कर्मचारी ही नहीं डीएम भी चौंक गए। उल्टा सवाल दागने लगे कि क्या डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट अमरोहा के नाम से कोई एंबुलेंस भी पंजीकृत है। इस सवाल का जवाब तलाशने के साथ एंबुलेंस की खोज की कवायद भी शुरू की जा रही है। अभी तक कोई ऐसा नहीं मिला है, जिसने हाल-फिलहाल में इस नंबर की एंबुलेंस को जिले की सड़कों पर दौड़ते देखा हो। (संवाद)
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न बीमा, न प्रदूषण मुक्ति का प्रमाण
एआरटीओ कार्यालय के रिकॉर्ड के मुताबिक डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट अमरोहा के नाम से पंजीकृत एंबुलेंस का आज तक बीमा नहीं हुआ और प्रदूषण रहित होने का सर्टिफिकेट भी इश्यू नहीं कराया गया है। परिवहन विभाग से वाहन रजिस्ट्रेशन के समय जी सीरीज सरकारी वाहनों के लिए इस्तेमाल होती है। माना जा रहा है कि ऐसे में एंबुलेंस सामने आने पर इसे सरकारी सीरीज की गाड़ी मानकर वाहनों की चेकिंग के दौरान बीमा और फिटनेस को लेकर बहुत गंभीरता नहीं बरती जाती होगी।
कहीं गलत इस्तेमाल तो नहीं हो रहा
डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट अमरोहा के नाम पर दर्ज एंबुलेंस की कोई जानकारी न होने से यह संदेह भी उठने लगा है कि कहीं उसका गलत इस्तेमाल तो नहीं हो रहा। शुरुआती पूछताछ में जिले की एंबुलेंसों के बीच इस तरह की गाड़ी नजर आने की जानकारी मिली है। ऐसे में एंबुलेंस के दुरुपयोग को लेकर सरकारी मशीनरी की चिंता बढ़ गई है।
कोई एंबुलेंस हमारे पद नाम पर रजिस्टर्ड है, इसकी जानकारी नहीं हैं। कहीं एंबुलेंस कागजों में तो नहीं चल रही है। एंबुलेंस के नंबर के आधार पर तलाश कराकर असलियत का पता लगाया जाएगा। तथ्यों के आधार पर अगला कदम उठाया जाएगा।
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-बीके त्रिपाठी, डीएम, अमरोहा
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