ऐसे खुली मामले की पोल
शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि बुधवार को न्यायालय ने मामले सुनवाई की और पुलिस द्वारा पेश किए गए दोनों पर्चों में से कोई एक को कूटरचित बताया। न्यायालय का मानना है कि मालखाने से निकालने के तीन दिन पहले पुलिस ने बरामद शराब को प्रयोगशाला कैसे भेज दिया। न्यायालय ने यह भी कहा कि यह कोर्ट को भ्रमित करने के उद्देश्य से किया गया है। इसलिए न्यायाधीश अहमद उल्लाह खां ने जिलाधिकारी को मामले की जांच कराकर दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए कहा है। मामले की जांच दो माह में पूरी करते हुए न्यायालय को अवगत कराने के निर्देश दिए हैं। उधर न्यायालय ने साक्ष्यों के अभाव में आरोपी इरशाद को दोषमुक्त कर दिया है।