अमरोहा। तबादले के एक महीने बाद भी शामली जनपद में चार्ज ग्रहण नहीं करना सीएमओ स्टेनो विजय पाल सिंह को भारी पड़ गया है। शासन ने उन्हें निलंबित कर एडी हेल्थ सहारनपुर कार्यालय से संबद्ध कर दिया है। इससे पहले उन्होंने उच्चाधिकारियों के नोटिस का जवाब देना भी उचित नहीं समझा। नई तैनाती के स्थान पर योगदान न देकर सरकारी काम में बाधा पहुंचाई। उच्च अधिकारियों के आदेशों के अवहेलना की। प्रकरण को गंभीरता से लेकर यह कार्रवाई निदेशक (प्रशासन) चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं डॉ राजागणपति आर ने की है।
पिछले करीब तेरह सालों के विजय पाल सिंह अमरोहा सीएमओ कार्यालय में स्टेनो के पद पर जमे हुए थे। शासन ने पंद्रह जुलाई को वार्षिक स्थानांतरण नीति के तहत विजय पाल सिंह का स्थानांतरण रायबरेली के लिए हुआ था। इसके अलावा सीएमओ ऑफिस के सात अन्य बाबुओं के भी ट्रांसफर हुए थे। तबादले के विरोध में लिपिक कार्य बहिष्कार कर कई दिन तक विरोध-प्रदर्शन किया था। इस क्रम में निदेशक (प्रशासन) चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं लखनऊ ने एक आदेश जारी किया था। जिसमें सूबे के 21 कर्मचारियों के तबादले निरस्त किए गए थे। इस दौरान स्टेनो विजय पाल सिंह का ट्रांसफर रद्द कर दिया गया था। लेकिन 1 सितंबर को फिर उनका तबादला मुख्य चिकित्सा अधिकारी शामली के अधीन किया गया था। बावजूद इसके 30 सितंबर तक स्टेनो ने चार्ज ग्रहण नहीं किया। उन्होंने उच्चाधिकारियों के नोटिस का जवाब देना भी उचित नहीं समझा। नवीन तैनाती के स्थान पर योगदान न देकर सरकारी काम में बाधा पहुंचाई। उच्च अधिकारियों के आदेशों के अवहेलना की। प्रकरण को गंभीरता से लेकर निदेशक (प्रशासन) चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवायें डॉ राजागणपति आर ने उन्हें निलंबित कर दिया। साथ ही अपर निदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण सहारनपुर कार्यालय संबद्ध कर दिया है।
सीएमओ डॉ. संजय अग्रवाल ने निलंबन की पुष्टि की है। इससे पहले स्टेनो और एक अन्य बाबू पर आय से अधिक संपत्ति, ऑफिस में गुटबाजी और उच्चाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना करने के आरोप लगे थे।