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शौचालयों की अनदेखी पर डीपीआरओ से जवाब तलब

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अमरोहा। सामुदायिक शौचालयों को दुरुस्त नहीं कराने और वर्तमान समय में क्या स्थिति है, उसके बारे में शासन को अवगत नहीं कराने पर अफसरों की नजरें टेढ़ी हो गई है। पूछा गया है कि चार अगस्त की साप्ताहिक समीक्षा के दौरान जानकारी क्यों नहीं दी गई। मिशन निदेशक ने डीपीआरओ से जवाब तलब किया है। डीपीआरओ वाचस्पति झा को को 12 अगस्त तक मोहलत दी गई है। जवाब नहीं मिलने पर कार्रवाई की चेतावनी जारी की गई है।
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जिले में 597 ग्राम पंचायतों में 410 ग्राम पंचायतों में शौचालय बनाए जा रहे हैं। प्रत्येक शौचालय के निर्माण पर तीन लाख रुपये खर्च किए गए हैं, जबकि उसके देखरेख के लिए प्रति महीना छह हजार रुपये दिए जाते हैं। जबकि रख रखाव पर तीन हजार रुपये रुपये खर्च होते हैं। बावजूद इसके शौचालयों के हालात में सुधार नहीं हुआ है। जुलाई महीने में सामुदायिक शौचालयों की थर्ड पार्टी से सत्यापन कराया गया जिसमें 112 शौचालय मानक में फेल मिले। उसके बाद अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने जिले में उपनिदेशक को स्थलीय सत्यापन के निर्देश दिए। उन्होंने जिले में 30 जुलाई को छह शौचालयों का निरीक्षण किया, लेकिन छह शौचालय में गड़बड़ी सामने आई। उन्होंने मामले से मिशन निदेशक को अवगत कराया। इसके बाद उन्होंने डीपीआरओ वाचस्पति झा को नोटिस जारी किया। कहा है कि जानबूझ कर आदेश पर अमल नहीं हो रहा है। उन्होंनेे पूछा है कि विभागीय कार्य निर्धारित समय में क्यों पूरे नहीं हो पाते हैं।
112 शौचालय मानकों पर नहीं उतरे थे खरे
अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने सामुदायिक शौचालयों का थर्ड पार्टी ने निरीक्षण किया था जिसमें सभी 112 शौचालय फेल मिले। इसके बाद उप निदेशक योगेंद्र कटियार को स्थलीय सत्यापन के लिए 30 जुलाई को जिले में भेजा गया। उप निदेशक कटियार को सभी शौचालय मानक के अनुरूप नहीं मिले थे। इसके बाद उप निदेशक मुरादाबाद एसके सिंह ने तीन एडीओ पंचायत से जवाब तलब किया जिसमें अमरोहा के विमल कुमार, जोया के राजेंद्र सिंह और गजरौला के मदन पाल सिंह को नोटिस जारी किया। बावजूद इसके पंचायती राज विभाग की कार्यशैली में सुधार नहीं आ सके हैं।
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शौचालय में यह करनी है व्यवस्था:
सामुदायिक शौचालय की दिन में दो बार सफाई करानी है। ग्राम पंचायत द्वारा बिजली, प्लंबरिंग, नल और टोटी मरम्मत के लिए 500 रुपये प्रति महीना मिलेगा। इसके अलावा झाड़ू, ब्रश, वाईपर, स्पंज, कपड़ा, पोछाई, बॉल्टी, मग आदि की खरीदारी के लिए 1,200 रुपये, जो छह महीने में एक बार मिलेगा। इसके साथ ही साबुन, वॉशिंग पाउडर, एयर फ्रेशनर, ग्लब्स, एप्रेन, हारपिक, मास्क आदि में 1,000 रुपये महीना ग्राम पंचायत देगी, जबकि पानी, बिजली, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के लिए 1,000 रुपये मासिक मिलेगा। अन्य जरूरत के लिए 300 रुपये खर्च कर सकते हैं।
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विभागीय पत्र है, सामुदायिक शौचालय के प्रकरण में मुझसे जवाब मांगा गया है उसके बारे में रिपोर्ट भेज दूंगा। वाचस्पति झा, डीपीआरओ
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