अमरोहा में बिजली के खंभे पर काम करने के दौरान दो मजूदर करंट लगने से झुलस गए। उन्हें उपचार के लिए मेरठ में भर्ती करवाया गया है। इसमें से एक ने दम तोड़ दिया। इससे उसके परिजनों में आक्रोश फैल गया।
शटडाउन के बाद बिजली शुरू होने के बाद करंट से झुलसे मजदूर लोकेश की सोमवार को इलाज के दौरान मेरठ के अस्पताल में मौत हो गई। करीब एक सप्ताह के अस्पताल में जिंदगी से जंग लड़े रहे थे। उसके साथी मनीष की हालत नाजुक बनी हुई है।
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मजदूर के परिजनों ने विवेचक पर आरोपी बिजली कर्मियों की गिरफ्तारी नहीं करने का आरोप लगाया है। साथ ही रोड जाम कर आंदोलन करने की चेतावनी दी है। नौगांवा सादात थानाक्षेत्र के महमूदपुर गांव के जंगल में पुरानी लाइन हटाकर नए तार खींचे जा रहे हैं।
अमरोहा के एक व्यक्ति पर इसका ठेका है। आठ जून की दोपहर रतनपुरा गांव निवासी मनीष और हसनपुर कोतवाली क्षेत्र के गांव करनपुर माफी निवासी लोकेश शटडाउन लेने के बाद खंभे पर काम कर रहे थे।
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लेकिन, बिजली कर्मचारियों की लापरवाही के कारण आपूर्ति शुरू कर दी गई। जिस कारण खंभे पर काम कर रहे मजदूर मनीष और लोकेश को करंट लग गया। दोनों ही खंबे से नीचे गिर गए और गंभीर रूप से घायल हो गए।
दोनों को मेरठ के एक अस्पताल में भर्ती कराया था। लोकेश की हालत नाजुक बनी हुई थी। नौ जून को लोकेश के परिजनों नौगांवा सादात थाने पहुंचकर यहां शटडाउन लेने के बाद बिजली कर्मचारियों पर आपूर्ति शुरू करने का आरोप लगाया।
साथ ही मिठ्ठेपुर बिजली घर पर तैनात एसएसओ, जेई, लाइनमैन इरशाद और लाइनमैन के भाई हाजी शौकत के खिलाफ हत्या की कोशिश की रिपोर्ट दर्ज की गई थी। लेकिन, सोमवार को मजदूर लोकेश की इलाज के दौरान मौत हो गई।
जिसके बाद मेरठ पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस के मुताबिक मामले में लापरवाही से मृत्यु होने की धाराओं की बढ़ोतरी और की जाएगी।