आदमपुर गांव में रास्ते किनारे नल पर पशुओं को पानी पिला रही कविता (20) पर सांड़ ने हमला कर दिया। सांड़ के हमले से युवती लहूलुहान हो गई। परिजनों ने घायल अवस्था में युवती को अस्पताल में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। बिना किसी कानूनी कार्रवाई के शव का अंतिम संस्कार कर दिया है।
आदमपुर में हिंसक सांड़ों का आतंक इस कदर हावी है कि आए दिन किसी न किसी पर हमला कर रहे हैं। एक सप्ताह पहले इसी मोहल्ले के संजय सैनी को भी सांड़ ने हमला कर घायल कर दिया था। ढबारसी में भी मंगलवार को राजपाल शर्मा को छुट्टा गोवंशीय पशु ने हमला कर घायल कर घायल कर दिया।
भारतीय किसान यूनियन टिकैत के तहसील अध्यक्ष ठाकुर महेश सिंह ने क्षेत्र में सांड़ के हमलों में हो रही मौतों के लिए प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया है। छुट्टा पशुओं के आतंक से निजात दिलाने के लिए शीघ्र पकड़वाकर गोशाला भिजवाने की मांग की है।
हसनपुर में छुट्टा पशु जिलेभर में आए दिन लोगों पर हमलाकर उनकी जान ले रहे हैं लेकिन जिम्मेदार अधिकारी और जनप्रतिनिधि इसको लेकर कतई गंभीर नहीं है। एक के बाद एक लोग सांड़ के हमले का शिकार होते जा रहे हैं और अधिकारी इन्हें पकड़ने का अभियान चलाए जाने की बात कहकर पल्ला झाड़ रहे हैं।
पिछले 14 माह में सांड़ व अन्य छुट्टा पशुओं की हमले में 16 लोगों की जान जा चुकी है। हसनपुर तहसील क्षेत्र में सांड़ आतंक का पर्याय बन चुके हैं। पिछले दिनों एक के बाद एक कई लोग उनके हमले का शिकार हुए। उस दौरान प्रशासन ने टीम बनाकर सांड़ों को पकड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया।
लेकिन यह प्रक्रिया कुछ दिन ही चलकर रह गई। जिसका नतीजा यह रहा है कि हाईवे हो या फिर संपर्क मार्ग सभी सांड़ों को घूमते हुए देखा जा सकता है। जोकि हमलावर होते जा रहे हैं। प्रशासन की लापरवाही का नतीजा है कि पिछले एक वर्ष में सांड़ 14 लोगों की जान ले चुके हैं।
प्रशासन की अनदेखी लोगों पर भारी पड़ रही है। भारतीय किसान संघ के जिलाध्यक्ष कृष्ण कुमार शर्मा का कहना है हिंसक सांड़ों को पकड़वाने के लिए बीडीओ को फोन करते हैं तो फोन तक नहीं उठाया जाता। यह अधिकारियों का रवैया ठीक नहीं है।