पेट दर्द की शिकायत पर झोलाछाप के यहां लाई गई महिला की इंजेक्शन लगाए जाने के बाद हालत बिगड़ गई। जिसके बाद उसे पाकबड़ा के अस्पताल में ले जाया गया। जहां पर महिला को मृत घोषित कर दिया गया। परिजन रात में ही शव को गांव ले आए।
गांव के ही झोलाछाप पर गलत इंजेक्शन लगाने का आरोप सामने आने पर गांव के कुछ लोग मामला पंचायत के माध्यम से रफा दफा करने के प्रयास में जुट गए। बताया जाता है कि सभी समाज के चुनिंदा लोगों की पंचायत बैठी।
ग्राम प्रधान ओमकार सैनी का कहना है कि उनकी मौजूदगी में हुई पंचायत में यह तय हुआ कि मृतका के परिजन कोई कार्रवाई नहीं चाहते हैं। मृतका के तीन बच्चे हैं। उनके पालन पोषण में दिक्कत न आए, इसलिए पंचायत में यह फैसला हुआ कि झोलाछाप राजमिस्त्री जगदीश को तीन लाख रुपये देगा।
झोलाछाप की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं हैं। उसकी पत्नी हादसे में घायल होने के कारण निजी अस्पताल में जिंदगी मौत के बीच झूल रही है। इसलिए झोलाछाप के भाई ने तीन लाख रुपये देने की जिम्मेदारी ली है।