मंगलवार की रात अचानक मौसम फिर बदल गया। बुधवार की तड़के मूसलाधार बारिश हुई। करीब चार घंटे हुई बारिश 12 एमएम रिकॉर्ड की गई। बारिश के बाद मौसम में ठंडक बढ़ गई। शहर की सड़कें जलमग्न हो गईं। खेतों में पानी भर गया। जिससे किसान मायूस हो गए। लगातार बारिश होने की वजह से सब्जी और सरसों की फसल बर्बादी की कगार पर पहुंच गई।
जनवरी के बाद फरवरी के महीने में भी बेमौसम बारिश थमने का नाम नहीं ले रही है। जिलेभर की हजारों एकड़ फसल को नुकसान पहुंचाया है। बेमौसम बारिश ने किसानों के अरमानों पर पानी फेर दिए। जनवरी माह में बारिश से खराब हुई फसलों की अभी भरपाई नहीं हुई है। लेकिन फरवरी में एक बार फिर बुधवार की तड़के चार बजे से करीब आठ बजे तक हुई 12 एमएम बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। इसके बाद दिनभर आसमान में बादल छाए रहे। धूप नहीं निकलने के कारण सर्दी और बढ़ गई।
सुबह-शाम की गलन ने लोगों को परेशान किया। बारिश के कारण कई क्षेत्रों में गेहूं और सरसों के साथ-साथ आलू, मटर, टमाटर और गोभी सहित सब्जी की अन्य फसलें नष्ट होने के कगार पर हैं।वहीं बारिश होने से शहर की सड़कों पर जलभराव हो गया। मोहल्ला कोट बाजार, कोतवाली के सामने, आजाद रोड, बटवाल बाजार, लकड़ा बाजार, कैलसा बाईपास समेत तमाम सड़कों पर घंटों तक पानी भरा रहा। इससे राहगीरों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बारिश के बाद कई घंटे बिजली गुल रही। जिला कृषि अधिकारी राजीव कुमार ने बताया कि चार घंटे में 12 एमएम बारिश रिकार्ड की गई है। इससे पहले तीन फरवरी को 25 एमएम बारिश दर्ज की गई थी। बारिश से सब्जी और सरसों की फसलों में भारी नुकसान का अनुमान है। शासन से दिशा-निर्देश मिलते ही नुकसान का सर्वे कराया जाएगा। गुरूवार को भी मौसम बारिश वाला बना रहेगा। आसमान में बादल छाए रहने का अनुमान है। हालांकि दोपहर में धूप लिख सकती है।