अदालत ने महिला की दहेज के लिए हत्या के मामले में पति को 10 और जेठ जेठानी को सात साल की सजा सुनाई है। तीनों पर 20 हजार का जुर्माना लगाया है। तीनों दोषी जमानत पर बाहर थे, फैसला आने के बाद कस्टडी में लेकर जेल भेज दिया गया है।
यहा घटना हसनपुर गांव के ढकिया खादर में हुई थी। डिडौली कोतवाली क्षेत्र के कपासी निवासी कल्लू सिंह ने अपनी बेटी पूनम की शादी 9 मई 2011 को ढकिया खादर निवासी वीर सिंह के साथ की थी। शादी के बाद से ससुराल वाले पूनम को दहेज के लिए प्रताड़ित करने लगे थे। दहेज में 50 हजार रुपये और बाइक की मांग करते थे। विरोध करने पर ससुराल वाले मारपीट करते थे। छह नवंबर 2011 को पति वीर सिंह, जेठ प्रकाश और जेठानी विमला ने पूनम पर मिट्टी का तेल छिड़ कर उसे आग लगा कर मार दिया था। इसके बाद मायके वालों को बगैर सूचना दिए अंतिम संस्कार कर दिया था।
जानकारी मिलने के बाद मौके पर पहुंचे पूनम के पिता की तहरीर पर तीनों के खिलाफ दहेज हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। फिलहाल तीनों आरोपी जमानत पर जेल से बाहर थे। यह मुकदमा अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम निशांत शैव्य की अदालत में विचाराधीन चल रहा था। शुक्रवार को न्यायालय ने मुकदमे में सुनवाई की। अभियोजन पक्ष की तरफ से जिला शासकीय अधिवक्ता संजीव चौधरी ने पैरवी की। साक्ष्यों को आधार पर न्यायालय ने पति वीर सिंह, जेठ प्रकाश और जेठानी विमला को दोषी करार दिया। साथ ही पति को 10 साल और जेठ-जेठानी को सात-सात साल कैद की सजा सुनाई है। इसके अलावा न्यायालय ने दोषियों पर 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।