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जिला अस्पताल में एक्सरे जांच के लिए मरीज परेशान

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गौरीगंज (अमेठी)। जिला अस्पताल की व्यवस्था हर रोज बद से बदतर होती जा रही है। अब अस्पताल में एक्सरे जांच के लिए मरीजों को परेशान होना पड़ रहा है। दरअसल जिला अस्पताल में 29 नवंबर से डिजिटल एक्सरे की प्लेट खत्म हो चुकी है। ऐसे में कर्मचारी बहुत जरूरी होने पर मरीज की जांच तो कर रहे लेकिन उसकी फिल्म नहीं निकल पा रही है। मोबाइल में कंप्यूटर की स्क्रीन से फोटो खींचकर जैसे तैसे काम चलाया जा रहा है। ऐसे में उनके लिए मुश्किल होती है जिनके पास स्मार्टफोन नहीं होता।
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जिला अस्पताल में डिजिटल एक्सरे की प्लेट पिछले 29 नवंबर से समाप्त है। एक माह का समय बीतने के बावजूद अब तक अस्पताल में प्लेट की व्यवस्था नहीं हो सकी। यहां हर रोज 80 से लेकर 100 मरीजों को एक्सरे जांच लिखी जाती है।
एक्सरे तो किया जा रहा लेकिन उसकी फिल्म किसी को नहीं मिलती है। एक्सरे करने के बाद मरीज को कंप्यूटर की स्क्रीन से फिल्म की फोटो लेने को कहा जाता है। जिनके पास स्मार्टफोन होता है वे तो उसकी फोटो ले लेते हैं। लेकिन जिनके पास फोन नहीं होता उनसे कहा जाता है कि जाओ दूसरे दिन कोई मोबाइल लाकर फिल्म की फोटो लेकर चिकित्सक को दिखाना लेना।
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ऐसे में मरीज परेशान हैं। भले ही प्रदेश सरकार व प्रशासनिक अफसर जिले में लगातार स्वास्थ्य सुविधाओं की बढ़ोत्तरी का दावा करते हैं। लेकिन यहां तो रुई, पट्टी जैसे बुनियादी सामान तक आज भी उधार लिए जा रहे हैं।
डीडीओ कोड अलॉट नहीं होने से परेशानी
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. बद्री प्रसाद अग्रवाल ने अस्पताल में डिजिटल एक्सरे की प्लेट समाप्त हो गई है। कहा कि अब तक शासन स्तर से सीएमएस का वित्तीय कोड नहीं अलॉट हुआ है। कोड अलॉट नहीं होने से हालात उपजे हैं। प्लेट की लोकल स्तर पर खरीद की व्यवस्था है लेकिन उनके पास बजट का कोई अधिकार नहीं होने से वह खरीद नहीं कर सकते हैं। बताया कि सीएमओ को पत्र भेजा गया है। उनके स्तर से सीएमडी स्टोर से खरीद होनी है।
मोबाइल में लेनी पड़ी फोटो
असैदापुर निवासी दिव्य मणि मिश्र (14) गुरुवार को एक्सरे कराने पहुंचे थे। दिव्य मणि ने बताया कि उन्हें कमर में परेशानी थी। अस्पताल में उनकी कमर का एक्सरे तो हो गया लेकिन उसकी फिल्म नहीं मिली। कहा कि उन्होंने अपने मोबाइल में एक्सरे की फोटो खींच ली है। अब डॉक्टर को मोबाइल में एक्सरे की फिल्म दिखाकर इलाज कराना पड़ेगा।
नहीं मिल सकी फिल्म
कौहार गांव निवासी विंदेश्वरी (60) को पैर में परेशानी थी। डॉक्टर ने उन्हें एक्सरे की सलाह दी थी। विंदेश्वरी ने कहा कि उनके पैर का एक्सरे तो हो गया लेकिन उसकी फिल्म उन्हें नहीं मिली। उनके पास फोटो खींचने के लिए मोबाइल भी नहीं है। ऐसे में इलाज भी नहीं पाया।
पास मोबाइल नहीं
तिलोई के राजाफत्तेपुर निवासी मो. शफीक (43) ने बताया कि उन्हें सीने में परेशानी है। डॉक्टर ने उन्हें एक्सरे लिखा था। कहा कि इतनी दूर से एक्सरे कराने आया और एक्सरे हो भी गया। लेकिन उसके बाद कहा गया कि उसकी फिल्म नहीं मिलेगी आप अपने मोबाइल में उसकी फोटो ले लीजिए। मेरे पास मोबाइल नहीं है।
बिना फिल्म नहीं मिला इलाज
हरदो निवासी रामदीन (65) भी निराश दिखे। कहा कि कई दिनों से बीमार चल रहा हूं। आज एक्सरे कराने आया और हो भी गया। लेकिन एक्सरे की फिल्म नहीं मिली। मेरे पास बड़ा फोन नहीं था ऐसे में मुझे इलाज भी नहीं मिल सका।
नहीं है कोई व्यवस्था
गौरीगंज के सराय भागमानी निवासी रंजीत (19) का पैर का एक्सरे होना था। अस्पताल में अव्यवस्थाओं से वे काफी निराश नजर आए। उनका कहना था कि कभी अस्पताल में दवा नहीं मिल पाती और कभी जांच नहीं हो पाती। ऐसे में मरीजों को इलाज की बेहतर सुविधाएं देने का दावा झूठा है। यह परेशानियां दूर होनी चाहिए।
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