गौरीगंज (अमेठी)। गोआश्रय केंद्रों पर सुविधाओं की हकीकत देखने के लिए अपर निदेशक व शासन से नामित नोडल अफसर बुधवार को जिला मुख्यालय पहुंचे। दोनों अफसरों ने त्रिलोकपुर व तेंदुआ में संचालित गोआश्रय केंद्र का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान केंद्र पर मौजूद भरण-पोषण व्यवस्था के साथ ठंड से बचाव की हकीकत देखी। आश्रय केंद्र की व्यवस्था से संतुष्ट होने के बाद अफसरों ने नियमित गोवंशों का स्वास्थ्य परीक्षण करने तथा संरक्षण में लापरवाही नहीं बरतने का निर्देश जिम्मेदारों को दिया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ड्रीम प्रोजेक्ट गोवंश संरक्षण को अमली जामा पहनाने के लिए जिले में दो वृहद, तीन कांजी हाउस व 63 अस्थाई गोआश्रय केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। संचालित आश्रय केंद्रों में 4065 गोवंश संरक्षित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त सीवान में मौजूद गोवंशों को संरक्षित करने के लिए दस दिवसीय अभियान संचालित किया जा रहा है।
आश्रय केंद्र में मौजूद सुविधाओं की हकीकत देखने के साथ संरक्षण की व्यवस्था का निरीक्षण करने के लिए बुधवार को अपर निदेशक पशुपालन डॉ. बलवंत सिंह व शासन से नामित नोडल अफसर डॉ. केशव जिला मुख्यालय पहुंचे। सीवीओ डॉ. जेपी सिंह ने अफसरों को लेकर अमेठी के त्रिलोकपुर व तिलोई के तेंदुआ में संचालित गोआश्रय केंद्र का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान ठंड से बचाव प्रबंध, काऊ कोट, भूसा, चारा, पानी, हरे चारे, साफ-सफाई तथा संरक्षित गोवंशों के स्वास्थ्य परीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान अफसरों ने जिम्मेदारों को गो संरक्षण में लापरवाही नहीं बरतने के साथ भूसे व हरे चारे की समुचित व्यवस्था रखते हुए नियमित स्वास्थ्य परीक्षण करने का निर्देश दिया। अफसरों ने 10 दिवसीय अभियान में निर्धारित लक्ष्य के अनुसार निराश्रित गोवंश संरक्षित कर मुख्यमंत्री सहभागिता योजना में पालकों को कुपोषण योजना में चिह्न्ति कुपोषित बच्चों के परिवार को सुपर्द करते हुए नियमानुसार भरण-पोषण राशि अंतरित करने को कहा। गोसंरक्षण में लापरवाही बरतने तथा भरण-पोषण के अभाव में गोवंश की मौत होने पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी।