गौरीगंज (अमेठी)। जिले के अलग-अलग ब्लॉकों की तीन ग्राम पंचायतों में मनरेगा योजना से कराए जा रहे कार्यों में धांधली पर प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार किया है। डीएम ने तीनों ग्राम पंचायतों के ग्राम प्रधान व ग्राम पंचायत सचिव को रिकवरी नोटिस जारी किया है। प्रशासन की कार्रवाई से विकास विभाग में हड़कंप मचा है।
प्राप्त शिकायतों व डीएम अरुण कुमार के निर्देश पर पिछले दिनों अलग-अलग विकास खंडों की सात ग्राम पंचायतों में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना द्वारा कराए गए विकास कार्यों की जांच हुई। जिन गांवों की जांच हुई उनमें जामो ब्लॉक क्षेत्र की परशुरामपुर, रामपुर नौरंगाबाद व गोरियाबाद, भेटुआ ब्लॉक क्षेत्र की ग्राम पंचायत उसका व शिवगढ़ जलालपुर, मुसाफिरखाना ब्लॉक क्षेत्र की ग्राम पंचायत सादीपुर व बहादुरपुर ब्लॉक क्षेत्र की ग्राम पंचायत पीढ़ी शामिल हैं।
डीएम के निर्देश पर इन ग्राम पंचायतों में जांच के लिए लगाए गए अधिकारी गांव तक तो गए लेकिन उनकी ओर सेे प्रस्तुत जांच आख्या से उच्चाधिकारी संतुष्ट नहीं हुए। संबंधित अधिकारियों द्वारा संतोषजनक जांच आख्या प्रस्तुत नहीं करने पर सभी का वेतन रोकने का निर्देश भी दिया गया था। जांच से संतुष्ट नहीं होने पर डीएम ने गांवों में कराए गए कार्यों की दोबारा दूसरे अफसरों से जांच कराई।
जांच में पाया गया कि जामो ब्लॉक क्षेत्र की ग्राम पंचायत रामपुर नौरंगाबाद में नाला खोदाई कार्य में 3,05,832 रुपये का अधिक भुगतान किया गया। इसी तरह मुसाफिरखाना के सादीपुर में बिना कार्य कराए ही रुपये 1,00,111 रुपये का भुगतान हो गया।
भेटुआ की ग्राम पंचायत उसका में कराए गए कार्यों में रुपये 38,076 रुपये की वित्तीय अनियमितता पाई गई। रिपोर्ट मिलने के बाद डीएम ने शनिवार देर शाम संबंधित ग्राम प्रधान तथा पंचायत सचिव से उक्त धनराशि की वसूली नोटिस जारी किया है।