51 : गौरीगंज : शहर में श्रद्धालुओं को श्रीराम कथा सुनाते प्रवचक राजन महाराज। -संवाद
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गौरीगंज (अमेठी)। शहर में कलेक्ट्रेट के पास चल रही श्रीराम कथा के तीसरे दिन प्रख्यात प्रवचक राजन महाराज ने भगवान श्रीराम के जन्म की अद्भुत कथा सुनाई। इस दौरान उनके द्वारा प्रस्तुत सोहर व अन्य भजनों पर सुधी श्रोता झूम उठे।
गौरीगंज विधायक राकेश प्रताप सिंह की ओर से आयोजित नौ दिवसीय श्रीराम कथा के तीसरे दिन कथा व्यास पूज्य राजन महाराज ने दूसरे दिन की कथा को विस्तार दिया। प्रवचक ने रामचरित मानस की चौपाई ‘बैरिउ राम बड़ाई करहीं’ से प्रसंग की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि एक दिन युद्ध में रामजी ने रावण के सभी शस्त्र काट दिए। रावण मूर्छित होकर गिर गया।
भगवान चाहते तो उसे मार सकते थे। और रावण भी यही सोच रहा था कि आज वह राम के हाथों मार दिया जाएगा। भगवान राम ने उसके उठने का इंतजार किया। रावण के उठने पर भगवान राम ने कहा कि युद्ध का निर्णय फिर किया जाएगा। रावण तुम आज काफी थक चुके हो। जाओ विश्राम कर लो। रावण अपने महल में पहुंचा तो बिना कुछ खाए पिए अपने को एक कमरे में बंद कर राम के स्वभाव के बारे में सोचने लगा।
चिंतित मंदोदरी के पूछने पर बताया कि राम इस स्वभाव के हैं कि शत्रु भी उनके कायल हो जाते हैं। कथा के दौरान पूज्य राजन जी ने लोगों को जीवन के कुछ सूत्र भी बताए। उन्होंने कहा कि शरीर में भगवान की भक्ति अवतरित होने से जीवन धन्य हो जाता है। राजन महाराज ने कैलाश पर्वत की महिमा का बखान करते हुए कहा कि एवरेस्ट पर तो कई लोग चढ़ गए।
लेकिन कैलाश पर्वत पर आज तक कोई नहीं पहुंच सका। उन्होंने बताया कि गूगल द्वारा क्लोज सर्किट कैमरे से ली गई तस्वीरों से पता चलता है कैलाश में 50-60 फिट ऊंची छह सात मूर्तियां दिखती हैं। इससे स्पष्ट है कि आज भी भगवान शिव सपरिवार कैलाश पर्वत पर वास करते हैं। कथा के दौरान राजन महाराज ने श्रीराम जन्म का अद्भुत वर्णन किया। राम जन्म के प्रारंभ में मानस की चौपाई ‘भए प्रकट कृपाला दीन दयाला कौशल्या हितकारी’ सुनाकर लोगों को भाव विभोर कर दिया। इसके बाद राजन महाराज ने एक से बढ़कर एक भजन और सोहर सुनाकर वातावरण को राममय कर दिया।
यूट्यूब पर लाइव चल रही कथा
शहर में चल रही श्रीराम कथा यूट्यूब पर भी लाइव चल रही है। जिले में दूर-दराज के क्षेत्रों से जो लोग कथा स्थल पर नहीं पहुंच पा रहे वे कथा को प्रतिदिन लाइव सुन रहे हैं। एक बुजुर्ग श्रोता ने कहा कि वे बचपन से रामकथा सुनते आ रहे हैं लेकिन ऐसी अद्भुत कथा आज तक नहीं सुनी।