गौरीगंज/जायस (अमेठी)। बबूल, आलू, गन्ना, चावल व पराली से तेल निकाला जाएगा। इससे न सिर्फ किसानों की आय बढ़ेगी, बल्कि इन तेलों से वाहन चलने पर प्रदूषण भी कम होगा। केंद्र सरकार ऐसे कई लाभकारी पायदान पर काम कर रही है। यह बातें केंद्रीय राज्य मंत्री पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस रामेश्वर तेली ने बहादुरपुर में संचालित राजीव गांधी पेट्रोलियम प्रौद्योगिकी संस्थान के पांचवें दीक्षांत समारोह में शनिवार को कही।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार किसानों की आय बढ़ाने तथा तेजी से बढ़ रहे प्रदूषण को कम करने की दिशा में कई स्तर पर काम कर रही है। बताया कि अब बबूल, आलू, गन्ना, चावल व पराली से तेल निकाला जाएगा। एक लीटर तेल में 200 ग्राम मिलाकर वाहन चलाए जाएंगे। इससे न सिर्फ किसानों की आय बढ़ेगी, बल्कि तेजी से बढ़ रहे प्रदूषण पर भी रोक लगेगी।
इस दिशा में काम भी शुरू कर दिया गया है। पानीपत की रिफायनरी में पराली से तो आसाम की रिफायनरी में बबूल से तेल निकालने का काम शुरू कर दिया गया है। उन्होंने संस्थान में तैयार कई प्रोजेक्ट का निरीक्षण कर छात्र/ छात्राओं से बात कर उनका उत्साहवर्धन किया। दीक्षांत समारोह में 258 छात्र/ छात्राओं को अलग-अलग उपाधि तथा पदक से सम्मानित किया गया।
समारोह में केंद्रीय राज्यमंत्री के अलावा अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक सुशील चंद्र मिश्र, डॉ. शामा सुंदर, प्रो. सुधीर कुमार सिन्हा, डॉ. उमा प्रसन्न ओझा, डॉ. अभय कुमार चौबे, डॉ. सतीश कुमार सिन्हा, डॉ. अमित रंजन, डॉ. जया श्रीवास्तव, डॉ. चंचल कुंडू, डॉ. उमाकांत धर द्विवेदी, डॉ. सुषमा विश्वास एवं कुल सचिव जितेंद्र प्रसाद प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
सृष्टि कुमारी को 2020 का राष्ट्रपति स्वर्ण पदक तो मृग्य फोगट को राष्ट्रपति स्वर्ण पदक 2021 से सम्मानित किया गया। बकार कलीम, सृष्टि कुमारी, अंशुमान सिंह तथा सिद्धार्थ कुमार सिंह को निदेशक स्वर्ण पदक 2020 तथा अरुणिमा सिंह, सतवीर सिंह, मृग्य फोगट, ऋषभ त्रिपाठी व स्वरुप सत्यदर्शी मिश्रा को निदेशक स्वर्ण पदक 2021 से सम्मानित किया गया।